रायपुर। छत्तीसगढ़ के CSMCL जुड़े मैनपावर घोटाले मामले में ACB-EOW की टीम ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों को स्पेशल कोर्ट ने 11 मई तक कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया गया है. इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 (बी), 8 तथा आईपीसी की धाराएं 467, 468, 471 और 120बी के तहत कार्रवाई की गई है.

गिरफ्तार आरोपियों के नाम
नीरज कुमार चौधरी – CA, ईगल इंटर सॉल्यूशन लिमिटेड व अलर्ट कमोडिटीज प्रा. लि.
अजय लोहिया – डायरेक्टर, अलर्ट कमोडिटीज प्रा. लि.
अजीत दरबले – डायरेक्टर, सुमित फैसिलिटीज कंपनी
अमित प्रभाकर सालुंके – डायरेक्टर, सुमित फैसिलिटीज लिमिटेड
अमित मित्तल – चेयरमैन एवं डायरेक्टर, ए-टू-ज़ेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड
राजीव द्विवेदी – डायरेक्टर, प्राइमवन वर्कफोर्स प्राइवेट लिमिटेड
संजीव जैन – डायरेक्टर, प्राइमवन वर्कफोर्स प्राइवेट लिमिटेड
क्या है CSMCL ओवरटाइम घोटाला?
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में साल 2019 से 2024 के बीच मैनपावर और प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए ओवरटाइम भत्ते के नाम पर बड़े पैमाने पर भुगतान किया गया. जांच में सामने आया कि करीब 115 करोड़ रुपये की राशि ओवरटाइम के नाम पर जारी की गई. ये राशि कर्मचारियों के पास नहीं पहुंची. रकम अधिकारियों और अन्य लोगों में बांट दी गई थी.
कैसे हुआ खुलासा?
इस मामले का खुलासा तब हुआ था जब 29 सितंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय ने तीन व्यक्तियों के पास से 28 लाख रुपये बरामद किए थे. इस बारे में राज्य सरकार को जानकारी दी गई थी. इसके बाद EOW ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. नियम के अनुसार ये राशि शराब की दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त भुगतान के रूप में मिलनी थी. एजेंसियों को बिल के जरिए भुगतान किया जाता था, ताकि कर्मचारियों को राशि वितरित की जा सके.