दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के दो दर्जन थानों में दशकों से कबाड़ की हालत में खड़े कुल 2070 लावारिस वाहनों में से 1820 वाहनों के विधिवत नीलामी कराई गई। इस प्रक्रिया से 76 लाख 88 हजार 648 की राशि शासकीय कोष में जमा कराई गई। पूरी कार्यवाही पुलिस एक्ट की धारा 28 के तहत नियम अनुसार संपन्न की गई।
दरअसल जिले में सड़क दुर्घटना, चोरी तस्करी डकैती जैसी कार्रवाई में जब्त किए हुए दोपहिया और चारपहिया वाहन कई सालों से थाने में कबाड़ हो रहे थे। हालात ये थे कि थानों में वाहनो के कबाड़ का म्यूजियम बन चुका था। थानों के बाहर स्मार्ट और एक्टिव पुलिसिंग को धब्बा लगाते इन वाहनों में ट्रक कार जैसे भारी और हल्के वाहन हैं जिसमे अधिकाँश वाहन थानों में कबाड़ बन चुके थे। कुछ वाहनों की टायर तक चोरी हो चुकी है।

सभी वाहन पूरे दुर्ग जिले में अलग-अलग धाराओं में जप्त किए गए थे। इन वाहनों में किसी प्रकार का कोई क्लेम नहीं हो रहा था। वाहन के रजिस्ट्रेशन इंजन और चेचिस नंबर के आधार पर वाहन मालिकों को कई बार संबंधित थानों से नोटिस भी जारी किया गया। लेकिन वाहन मालिकों ने अपने वाहन थानों से नहीं छुड़ाएं। कई बार दावा आपत्ति भी मंगाई गई, लेकिन किसी प्रकार की दावा आपत्ति सामने नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने वाहनों को लावारिस की कैटेगरी में डालकर उनकी नीलामी कर 77 लाख 88 हजार की आय अर्जित करते हुए शासकीय कोष में जमा किए।