BSP के सेक्टर-9 हॉस्पिटल में लगेगी 22.50 करोड रुपए की 3D MRI मशीन: BWU ने उठाए जनमानस के कई मुद्दे… प्रबंधन ने क्या जवाब दिया? पढ़िए पूरी खबर

भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट के सेक्टर-9 अस्पताल में एडवांस टेक्नोलॉजी वाली 3D MRI मशीन लगेगी। जिसकी लागत 22 करोड़ 50 लाख होगी। बीएसपी  वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधिमंडल अपने अध्यक्ष उज्ज्वल दत्त के नेतृत्व में पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र सेक्टर-9 पहुंचकर अस्पताल प्रबंधन से अस्पताल से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया तथा अस्पताल में इलाज के दौरान कर्मचारियों तथा उनके परिवार को आ रही दिक्कतों की ओर प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कराया। अध्यक्ष उज्जवल दत्त ने प्रबंधन से हॉस्पिटल में डॉक्टरों के कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्पेशलिस्ट डॉक्टर एक-एक करके हॉस्पिटल से लगातार रिटायर होते जा रहे हैं। कई अति महत्वपूर्ण विभाग जैसे न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, हृदय रोग विभाग में कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि, लंबे समय से प्रबंधन के द्वार डॉक्टर की भर्ती नहीं किया जाना, बहुत ही चिंता का विषय है जबकि हमारे पास अस्पताल में इंफ्रास्ट्रक्चर की कोई कमी नहीं है फिर भी नई भर्ती करने के बजाय एक-एक करके विभागो का आउटसोर्स किया जा रहा है। एमआरआई की मशीन जो कि काफी पुराना हो चुका है, ऐसे में आए दिन इसमें तकनीकी खराबी आते रहता है। एमआरआई के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट चिंता का विषय है। करोड़ों रुपए की लागत से बनी कैथ लैब का निर्माण किया गया परन्तु उसके लिए डॉक्टर ही नहीं है। थायराईड के जांच में काम आने वाली कमी से हो रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया। अक्सर संयंत्र के अस्पताल में जीवन रक्षक दवाइयाँ बीपी शुगर कैल्शियम आयरन की दवाइयाँ तक उपलब्ध नहीं हो पाता है। वार्ड में काफी सुविधा का अभाव है।अटेंडर के रुकने की उछित व्यवस्था नहीं है। उनके लिए वेटिंग एरिया भी नहीं है, रात उन्हें फर्श पर ही बैठकर गुजारना पड़ता है। शौचालय की साफ सफाई की व्यवस्था दूर दुरुस्त किए जाने की अवश्यकता है।

भिलाई इस्पात संयंत्र से सेवनिवृत्त हो चुके अधिकारी और कर्मचारियों को हो रही दिक्कतों से प्रबंधन को अवगत कराया गया। प्रबंधन को इस बात से भी अवगत कराया गया अधिकारी कर्मचारी जो सेवनिवृत्त हो चुके हैं उनमे से अधिकतर के बच्चे भिलाई से बाहर यहां तक ​​कि विदेश में भी रहते हैं,अस्पताल में इलाज के लिए अकेले ही आते हैं, उनके साथ परिवार का कोई सदस्‍य नहीं होता है। अकेला चला भी नहीं जाता है। ऐसे में इस दिशा में कुछ सकारात्‍मक पहल किए जाने की अवश्‍यकता है। क्‍या हम ऐसी कोई व्‍यवस्‍था लागू कर सकते हैं, जिसमें ऐसे लोगो के लिए अटेंडर की व्यवस्था कर दी जावे जो उन्हें कैजुअल्टी से व्हीलचेयर में लेकर डॉक्टर को दिखा कर फार्मेसी से दवाई उपलब्ध करवा कर वापस कैजुअल्टी में छोड़े। पार्किंग में हो रही अवैध वसुली तथा वाद विवाद का जल्दी ही हल निकला जाए। पार्किंग क्षेत्र में शौचालय की व्यवस्था की जाए। इन सारे मुद्दों पर जो यूनियन के द्वार उठाए गए तमाम मुद्दे पर प्रबंधन की ओर से बहुत ही साकारात्मक जवाब दिया गया।

अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि अभी वर्तमान में 50 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है जिसमें बीएसपी से रिटायर हो चुके बहुत से स्पेशलिस्ट डॉक्टर को भी काम पर रखा जा रहा है। डॉक्टर का एक पैनल भी तैयार किया जा रहा है। डॉक्टर का ऐसा पैनल बनाया जा रहा है जो ऑन कॉल उपलब्ध हो सकें। इस व्यवस्था से डॉक्टरों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा, प्रबंधन ने बताया कि एमआरआई की नई मशीन की खरीददारी ₹22 करोड़ 50 लाख में किया गया है। यह एमआरआई की मशीन टेस्ला 3डी बहुत ही एडवांस मशीन है। इससे मात्र 15 मिनट में एमआरआई किया जा सकेगा। इससे हम एमआरआई में लगने वाली वेटिंग को खत्म करने में मदद मिलेगी। विदित हो कि बीएसपी वर्कर्स यूनियन का प्रतिनिधिमंडल बीएसपी के मुखिया निदेशक प्रभारी अनिर्बान दास गुप्ता से सौजन्य मुलाक़ात कर चिकित्सालय के लंबित मुद्दे को उनके समक्ष उठाया था, जिस पर अनिर्बान दास गुप्ता ने इस दिशा मे उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी थी। जिसमे एमआरआई के नई मशीन की खरीदारी तथा डाक्टर की भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी तथा अन्य सभी मामालों का जल्द से जल्द  निराकरण करने का आश्वासन दिया गया था। व्यक्तिगत रूप से भी ध्यान देने का आश्वासन दिया गया था। जिस पर यूनियन ने अपने मुखिया का बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया था।

प्रबंधन ने अस्पताल के पार्किंग एरिया में भी शौचालय निर्माण की बात कही। जल्द से जल्द इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। रिटायर हो चुके कर्मचारी तथा उनके परिवार को आ रही दिक्कतों को दूर करने की दिशा में प्रबंधन का रवैय्या अत्यधिक साकारात्मक रहा। प्रबंधन ने बताया कि वर्तमान में सुलभ संस्था के माध्यम से 18 लोगों की भर्ती किया जाना प्रस्तावित है। जो कि ऐसे कर्मचारी या उनके परिवार को केजुअल्टी से लेकर डॉक्टर को दिखा कर फार्मेसी से दवाई उपलब्ध कराएगा तथा उन्हें वापस कैजुअल्टी तक पहुंचाएगा इसके लिए अनुमोदन की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है। बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र हॉस्पिटल प्रशासनि महाप्रबंधक मोहमद शाहिद, बी एस पी वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्जवल दत्ता, महामंत्री खूबचंद वर्मा, शिवबहादुर सिंह, दिलेश्वर राव,
सुरेश सिंह, अमित बर्मन, विमल पांडे, मनोज डडसेना, प्रदीप सिंह, संदीप सिंह, लुमेष कुमार, राजकुमार सिंह, अभिषेक सिंह, नितिन कश्यप, कृष्णा मूर्ति, प्रवीण यादव, रणधीर सिंह, रविशंकर सिंह, रविंद्र सिंह, दानी राम सोनवानी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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