छत्तीसगढ़ बजट 2026-27: शिक्षा और ग्रामोद्योग का ‘कायाकल्प’, 700 नए स्कूल भवनों और रायपुर में ‘यूनिटी मॉल’ को मिली मंजूरी

रायपुर | 24 फरवरी, 2026: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने बजट 2026-27 के जरिए प्रदेश के भविष्य को गढ़ने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। विभागीय मंत्री गजेंद्र यादव ने इस बजट को प्रदेश की ‘मानव पूंजी’ को सशक्त बनाने वाला बजट करार दिया है। बजट में जहां 700 भवन-विहीन स्कूलों के लिए भारी भरकम राशि का प्रावधान किया गया है, वहीं रायपुर को आधुनिक ‘यूनिटी मॉल’ की सौगात मिली है।

शिक्षा: अब कोई स्कूल नहीं रहेगा भवन-विहीन

सरकार ने संकल्प लिया है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा बिना छत के शिक्षा ग्रहण नहीं करेगा। इसके लिए अधोसंरचना पर विशेष जोर दिया गया है:

  • 700 नए स्कूल भवन: 500 प्राथमिक, 100 मिडिल, 50 हाई स्कूल और 50 हायर सेकेंडरी स्कूलों के निर्माण के लिए 123 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
  • स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना: 100 करोड़ की लागत से प्रथम चरण में 150 मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे। यहाँ प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा एक ही कैंपस में आधुनिक सुविधाओं के साथ मिलेगी।
  • NCC को प्रोत्साहन: एनसीसी कैडेट्स के स्वल्पाहार (Refreshment) की राशि को दोगुना कर दिया गया है।

बस्तर में ज्ञान का उजाला: दो नई ‘एजुकेशन सिटी’

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को ‘नॉलेज हब’ में बदलने के लिए सरकार ने दंतेवाड़ा मॉडल को अबूझमाड़ और जगरगुंडा में भी लागू करने का फैसला किया है।

  • बजट: 100 करोड़ रुपये।
  • सुविधाएं: यहाँ स्कूल के साथ-साथ ITI, हॉस्टल और शिक्षक आवास जैसी तमाम सुविधाएं एक ही स्थान पर होंगी।

रायपुर में बनेगा ‘यूनिटी मॉल’, स्थानीय कला को मिलेगा वैश्विक मंच

राजधानी रायपुर के लिए बजट में 93 करोड़ रुपये का प्रावधान यूनिटी मॉल के निर्माण हेतु किया गया है। यह मॉल राज्य के हस्तशिल्प और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के लिए एक आधुनिक मार्केटिंग हब बनेगा।

ग्रामोद्योग: एयरपोर्ट्स पर चमकेंगे छत्तीसगढ़ी उत्पाद

स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्पियों (ढोकरा, बांस और माटी कला) की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है:

  1. एयरपोर्ट शोरूम: देश के 5 प्रमुख शहरों के एयरपोर्ट पर छत्तीसगढ़ी हस्तशिल्प के शोरूम खुलेंगे।
  2. ग्लेजिंग यूनिट: जशपुर के कुनकुरी (ग्राम गोरिया) में माटी शिल्प को आधुनिक बनाने के लिए ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना होगी।
  3. बाजार विस्तार: कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मेलों में भाग लेने के लिए सरकार वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।

“यह बजट युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अवसर देने और पारंपरिक कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। हमारा लक्ष्य आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ है।” — गजेंद्र यादव, विभागीय मंत्री

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