ये कैसे हुआ? एक जैसा नाम, एक रैंक और एक ही रोल नंबर, पर चेहरे अलग: UPSC में दो आयशा के बीच असमंजस… दोनों ने किया दावा… पढ़िए क्या है पूरा मामला

ये कैसे हुआ? एक जैसा नाम, एक रैंक और एक ही रोल नंबर, पर चेहरे अलग: UPSC में दो आयशा के बीच असमंजस, दोनों ने किया दावा, पढ़िए क्या है पूरा मामला

डेस्क। यूपीएससी की परीक्षा में 184 रैंक को लेकर मध्य प्रदेश की दो उम्मीदवार दावा कर रही हैं. दोनों का नाम और रोल नंबर एक ही बताया जा रहा है. हालांकि, रैंक किसकी आई है. इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही. अब देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा में एक ही रोल नंबर और नाम की वजह से रिजल्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दरअसल, जैसे ही यूपीएससी का परीक्षा परिणाम सामने आया, वैसे ही मध्य प्रदेश के देवास और अलीराजपुर में खुशियां मनाई जाने लगीं. आयशा नाम की दोनों उम्मीदवारों ने सिलेक्ट होने का दावा करते हुए लोगों की बधाइयां स्वीकार करना शुरू कर दी. देवास की आयशा फातिमा का दावा मजबूत दिखाई दे रहा है. उनके रोल नंबर पर क्यूआर कोड भी दिखाई दे रहा है. जबकि अलीराजपुर की आयशा के प्रवेश पत्र पर क्यूआर कोड दिखाई नहीं दे रहा.

ज़ी मीडिया ने की पड़ताल
मामला सामने आने के बाद zee मीडिया ने दोनों के दावे की पड़ताल की तो स्थिति काफी कुछ स्पष्ट हो गई. जब दोनों के यूपीएससी परीक्षा के एडमिट कार्ड लेकर चेक किए गए तो अलीराजपुर की आयशा के एडमिट कार्ड में कुछ गलतियां और दोनों के कार्ड में अंतर साफ दिखाई दीं.

  • पहला, ये है कि देवास वाली आयशा का एडमिट कार्ड पर यूपीएससी का वाटर मार्क लगा है. जबकि आलीराजपुर वाली आयशा का एडमिट कार्ड सादे कागज पर प्रिंट आउट जैसा लग रहा है.
  • दूसरा, देवास वाली आयशा के एडमिट कार्ड में फोटो के ठीक नीचे क्यूआर कोड है. जिसे स्कैन करने पर वही जानकारी सामने आ रही है. जो एडमिट कार्ड में लिखी है. जबकि आलीराजपुर वाली आयशा के एडमिट कार्ड में क्यूआर कोड है ही नहीं.

आयशा ने अपने साथ फ्रॉड होने की बात कही
हालांकि देवास की आयशा ने अपनी सफाई में यूपीएससी की तरफ से आया मेल दिखाया. जिसमें लिखा था कि आपका नाम एक जैसे नाम होने के कारण बदल दिया गया है. तीन उम्मीदवारों के नाम में समानता होने के कारण दो उम्मीदवारों के नाम बदल दिए गए हैं. पूरा नाम नहीं बदला है. आपका नाम आयशा फातिमा (आयशा मकरानी) में बदल दिया गया है. साथ ही अलीराजपुर की आयशा का एक जैसा रोल नबर ओर रेंकिंग भी एक जैसी कैसे हुई. ये तो जांच का विषय है. फिलहाल देवास की आयशा अपनी इस उपलब्धि को लेकर पूरी तरह कॉन्फिडेंट हैं. देवास की आयशा के घर में जश्न मनाया जा रहा है.

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