तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी: सात दिन के अंदर मांगा गया जवाब, अधिकारियों व आमजनों से मिली शिकायत के बाद संभाग आयुक्त ने जारी किया नोटिस

गरियाबंद। रायपुर संभाग के आयुक्त ए.कुलभूषण टोप्पो ने गरियाबंद के तत्कालीन तहसीलदार तथा वर्तमान तहसीलदार मैनपुर नीलमणि दुबे के व्यवहार वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सिविल सेवा आचरण नियम के विपरित होने तथा अपने वरिष्ठ अधिकारियों, आमजनों से लोक व्यवहार ठीक नहीं होने, शासकीय कार्यो के निष्पादन के प्रति कार्य पद्धति सुस्त, उदासीन एवं स्वेच्छाचारिता और राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भू-राजस्व संहिता में दिये उपबंधों का विधिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने को छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 नियम 1,2 एवं 3 के विपरीत मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस का लिखित जवाब पत्र प्राप्ति के 07 दिवस के भीतर प्रस्तुत करने कहा गया है। निर्धारित समयावधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर एकपक्षीय कार्यवाही सुनिश्चित किया जायेगा।

संभाग आयुक्त को प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी, (रा.) गरियाबंद के द्वारा न्यायालय तहसील गरियाबंद के निराकृत एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा किया गया जिसमें 9 प्रकरणों में न्याय के मूलभूत सिद्धांतो के विपरीत जाकर विधिक प्रक्रियाओं का पालन किये बिना प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया जाना पाया गया है।

तहसील न्यायालय में विगत-2-3 वर्षों से विचाराधीन प्रकरणों में अंतिम निर्णय लेते हुए प्रकरण निरस्त कर नस्तीबद्ध कर दिया जाना पाया गया है। जो कि न्याय के मूल सिद्धांतो एवं भू-राजस्व संहिता के उपबंधों के विपरीत है। नगरीय क्षेत्रांतर्गत रिक्त एवं अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन के प्रकरणों में अपने स्तर पर नस्तीबद्ध किया जाना पाया गया है। स्वीकृत अनुदान सहायता राशि विलंब से भुगतान किया जाना पाया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व गरियाबन्द के व्दारा दिये गये कारण बताओ नोटिस का जवाब लिखित में प्रस्तुत नहीं किया जाना पाया गया है।

चिकित्सा अवकाश स्वीकृत किये जाने हेतु निर्धारित प्रपत्र में आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया। बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने के कारण कलेक्टर द्वारा जारी कारण बताओं नोटिस का जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाना पाया गया है। संभाग आयुक्त को व्हाट्सएप्प के माध्यम से अवगत कराना।

शासन के हित में शासकीय कार्यों में ध्यान नहीं देने पर संभाग आयुक्त टोप्पो ने तहसीलदार दुबे के उक्त कृत्यों को छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 1,2 एवं 3 के विपरीत मानते हुए तहसीलदार के विरूद्ध छ.ग.सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम-9 (3) के तहत कार्यवाही करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर 07 दिवस के भीतर जवाब मांगा है।

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