दुर्ग कलेक्टर ने ली अधिकारियों की बैठक: वजन त्यौहार में जिला स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी, शत्-प्रतिशत् स्कूली बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश

दुर्ग। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज अधिकारियों की बैठक में कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में संचालित वजन त्यौहार की मॉनिटरिंग हेतु जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। कलेक्टर के निर्देश पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने वजन त्यौहार के दौरान बच्चों के वजन नापने की प्रक्रिया का विस्तारपूर्वक अधिकारियों को जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा कि वजन त्योहार के दौरान गुणवत्तापूर्ण कार्य हेतु अधिकारियों को मॉनिटरिंग का कार्य सौंपा जा रहा है। अधिकारी आंगनबाड़ी केन्द्र जहां पर वजन त्यौहार के दौरान बच्चों की जांच कर ली गई हो, ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर 1-2 बच्चों के वजन और ऊंचाई की जांच समक्ष में कराएं। इसके अलावा केंद्र में रनिंग वॉटर, बिजली व पंखे की व्यवस्था और गैस सिलेण्डर की उपयोगिता आदि का भी अवलोकन करना है।

कलेक्टर चौधरी ने विगत दिवस कलेक्टर कान्फ्रेंस में जिले में विभागीय कार्यों की स्थिति साझा करते हुए अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में जिले का स्थान टॉप 5 से ऊपर हो इस पर अधिकारी विशेष ध्यान देवें। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाई जाए। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को ऐसे स्कूली बच्चे जो दूसरे जिले से इस जिले के विद्यालय में अध्ययनरत् है, जिनका जाति प्रमाण पत्र इस जिले से नहीं बन सकता ऐसे बच्चों की विद्यालयवार संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थियों के प्रकरण संबंधित जिले के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेज कर जाति प्रमाण पत्र बनवाने पहल किया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनवाने हाई-स्कूल स्तर पर संबंधित क्षेत्र के एसडीएम एवं तहसीलदार से समन्वय कर शिविर लगाने के निर्देश दिए। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार जाति प्रमाण पत्र बनाई जाए। कलेक्टर ने कहा कि ऐसे बच्चे जिनके पालक के पास जाति के संबंध में कोई आधार न हो, ऐसे स्थिति में ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित जाति को मान्य किया जाए और इसके आधार पर बच्चे का जाति प्रमाण पत्र बनाया जाए।

कलेक्टर चौधरी ने एकीकृत किसान पोर्टल में कृषकों के पंजीयन के संबंध में अवगत कराया कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्विन करने की दृष्टि से कृषक पंजीयन की प्रक्रिया के सरलीकरण हेतु एकीकृत किसान पोर्टल विकसित किया गया है। इस हेतु शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश अनुसार एकीकृत किसान पोर्टल में किसानों का नवीन पंजीयन तथा पंजीकृत फसल/रकबे में संशोधन की कार्यवाही 31 अक्टूबर तक की जाएगी। पोर्टल में पंजीकृत किसानों के डाटा का कैरी फारवर्ड करने, नवीन कृषकों के पंजीयन/संशोधन की कार्यवाही प्राथमिक कृषि शाख-सहकारी समिति स्तर से किया जाना है। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को भी आरईओ वार पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर चौधरी ने जिले के सभी नगरीय निकायों में ओबीसी सर्वे की समीक्षा कर इसमें सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को बीएलओ के साथ निकाय के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये। साथ ही 25 सितम्बर तक सर्वे कार्य पूर्ण कराने निर्देशित किया है।

कलेक्टर चौधरी ने कहा कि भारत सरकार की परियोजनाओं के अंतर्गत जिले में निर्माणाधीन कार्यों से प्रभावित किसानों का मुआवजा राशि का भुगतान समय पर हो यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गेल, पावर ग्रिड टावर एवं भारत माला परियोजना से प्रभावितों के मुआवजा राशि वितरण हेतु संबंधित एसडीएम को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि जिले के सभी स्कूली बसों में जीपीएस सिस्टम और पैनिंग बटन लगाना जरूरी है। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी से इस हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिये। इसी प्रकार विभागों में उपलब्ध 15 वर्ष से पुरानी शासकीय वाहनों को स्क्रैप किया जाना है। इसके लिये 15 वर्ष पुरानी शासकीय वाहनों का डाटा परिवहन विभाग के साफ्टवेयर 0.4 में उपलब्ध होना आवश्यक है। ऐसे सभी वाहनों का 30 नवम्बर 2024 तक राइट-ऑफ होना है। उन्हांेने अधिकारियों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक ऐसे वाहनों की जानकारी कलेक्टोरेट में उपलब्ध कराने कहा है।

कलेक्टर चौधरी ने समीक्षा के दौरान सांसद एवं विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों के टीएस, यूसी/सीसी जिला योजना सांख्यिकी कार्यालय को उपलब्ध कराने और आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रगति लाने के निर्देश दिये। उन्होंने स्कूलों में उपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को एलर्ट सिस्टम पर विशेष जोर देेने कहा। इसी प्रकार स्कूल जतन योजना अंतर्गत गुणवत्ता पूर्ण निर्माण कार्य नहीं होने पर संबंधित संस्था प्रमुख के रिपोर्ट अनुसार निर्माण एजेंसी विभाग द्वारा कान्टेªक्टर पर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत मुआवजा राशि वितरण प्रारंभ करने संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया। कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन पकाने हेतु गैस सिलेण्डर का उपयोग किया जाए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने विभागीय समय-सीमा प्रकरण, मुख्यमंत्री जनदर्शन, जनशिकायत निवारण एवं कलेक्टर जनदर्शन के निराकृत प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को 31 जुलाई के पहले के सभी आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिये। बैठक में आगामी 21 सितम्बर 2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया गया। साथ ही संबंधित विभागों को 20 सितम्बर तक कलेक्टोरेट में जानकारी उपलब्ध कराने कहा गया है।

बैठक में एडीएम अरविन्द एक्का, सहायक कलेक्टर एम. भार्गव, जिला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन, अपर कलेक्टर बी.के. दुबे, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरौदा के आयुक्त दशरथ राजपूत, नगर निगम भिलाई के प्रभारी आयुक्त अशोक द्विवेदी, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी एवं विजेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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