दुर्ग। व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित सहायक विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा मामले में परीक्षार्थी अब लगातार गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच दुर्ग कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर का साथ परीक्षार्थियों को मिला है। सहायक विस्तार अधिकारी (एडीईओ) भर्ती मामले में राकेश ठाकुर ने शासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार के संरक्षण में व्यापम के अधिकारियों ने जानबूझकर गलत सवाल पूछे हैं, ताकि मामला कोर्ट में जाकर अटक जाए और युवाओं को नौकरी देना न पड़े। व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा ने तो इस बार हद पार कर दिया और 12 सवाल गलत पूछे गए। परिणामस्वरूप ये 12 सवाल विलोपित कर दिए गए।

जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार द्वारा व्यापम में बैठाए गए पेपर सेट करने वाले बड़े- बड़े अधिकारी नींद में पेपर सेट करते हैं कि 100 सवाल भी सही नही पूछ पाए या विष्णु देव साय सरकार के इशारों में युवाओं को नौकरी से वंचित रखने की मंशा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने क्रमवार सवाल किया है कि क्या 100 सवाल सेट करने के लिए सरकार या व्यापम के पास विषय विशेषज्ञ नही है। व्यापम इस पूरे मामले में अब तक चुप क्यों है। छात्रो के भविष्य के साथ कब तक इस तरह का खिलवाड़ होता रहेगा। ठाकुर ने बताया कि एडीईओ भर्ती परीक्षा में कुल 2 लाख 22 हजार 304 परीक्षार्थी शामिल हुवे थे जिसमें परीक्षार्थियों की ओर से कुल 21 प्रश्नों में अर्थात 20 प्रतिशत से भी ज्यादा प्रश्नों में झोल झाल बताया जा रहा है, जो गंभीर विषय है। परीक्षार्थियों के माता पिता अपने बच्चों को बड़ी मुश्किल से पढ़ा कर नौकरी का एक सपना संजोए रहता है उन पर पानी फेर जाना भाजपा सरकार की नाकामी है। व्यापम और सरकार पूरे मामले में अब तक चुप क्यों है सामने आकर जवाब देना होगा। न्यायहित में पेपर सेट करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए और परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, परीक्षार्थियों के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे।

