कवर्धा। नए साल पर कबीरधाम जिले को विकास और पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है, जहां भोरमदेव स्थल को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है. 1 जनवरी 2026 को भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर परियोजना का भूमिपूजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से मौजूद रहेंगे.

भोरमदेव मंदिर के इतिहास में पहली बार वाटर ट्रीटमेंट जैसी आधुनिक पहल हो रही है. इस परियोजना के तहत मुख्य मंदिर परिसर के साथ-साथ मड़वा महल, चेरकी महल, रामचुआ और सरोदा दादर को एक कनेक्टिंग कॉरिडोर के साथ पूरी तरह से विकसित किया जाएगा. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के मॉडल पर आधारित इस प्लान में 6 एंट्री गेट, पार्क, एक म्यूजियम, बाहरी दीवारों को बेहतर बनाना, सजावटी बाउंड्री वॉल, बोरवेल से पीने के पानी की व्यवस्था, शेड, बिजली, ड्रेनेज और लैंडस्केपिंग शामिल है.
इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना की तैयारियों को लेकर डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव मंदिर परिसर में जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक के बाद उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं और तैयारियों का जायजा लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, पुरातात्विक, पर्यटन और जनआस्था के प्रमुख केंद्र बाबा भोरमदेव मंदिर परिसर से लेकर मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा एवं सरोदा जलाशय तक भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा.
यह परियोजना केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत है, जिसके तहत लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से भोरमदेव क्षेत्र का समग्र और भव्य पर्यटन विकास किया जाएगा. इस कॉरिडोर के निर्माण से न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

