रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू : 19 लाख आबादी वाले शहर में 21 थानों को किया गया शामिल, 37 वरिष्ठ पद सृजित, इस दिन से प्रभावी होगी नई व्यवस्था

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार रायपुर नगर क्षेत्र को औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नरेट घोषित किया गया है। यह व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावशील होगी।

अधिसूचना में बताया गया है कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र की अनुमानित जनसंख्या लगभग 19 लाख है और बढ़ती आबादी, अपराध, ट्रैफिक दबाव एवं शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

21 शहरी थाने कमिश्नरेट में शामिल

अधिसूचना के अनुसार रायपुर नगर पुलिस जिले के तहत आने वाले 21 थाना क्षेत्रों को कमिश्नरेट सीमा में शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से—
1. सिविल लाइन
2. देवेंद्र नगर
3. तेलीबांधा
4. कोतवाली
5. गंज
6. मोवा थाना
7. गोल बाजार
8. पुरानी बस्ती
9. डी.डी. नगर
10. आमासिवनी
11. आजाद चौक
12. सरस्वती नगर
13. कबीर नगर
14. राजेंद्र नगर
15. पुरानी बस्ती विस्तार क्षेत्र
16. टिकरापारा
17. उरला (नगर निगम क्षेत्र में आने वाला भाग)
18. खमतराई
19. गुढ़ियारी
20. पंडरी
21. खम्हारडीह

इन सभी थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी।

37 वरिष्ठ पद सृजित, नई प्रशासनिक संरचना

अधिसूचना में कमिश्नरेट के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के पद भी निर्धारित किए गए हैं—

पुलिस आयुक्त – 1
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त- 1
पुलिस उपायुक्त – 5
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त – 9
सहायक पुलिस आयुक्त – 21

इन अधिकारियों को अलग-अलग जोनों, अपराध शाखा, यातायात, मुख्यालय, साइबर सेल, इंटेलिजेंस, महिला अपराध, प्रोटोकॉल और कानून-व्यवस्था इकाइयों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

मजिस्ट्रेटी अधिकार भी सौंपे गए

अधिसूचना के अनुसार पुलिस आयुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कई मजिस्ट्रेटी अधिकार दिए गए हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
• धारा 144 लागू करने का अधिकार
• जुलूस, धरना और सार्वजनिक सभाओं की अनुमति या प्रतिबंध
• हथियार लाइसेंस जारी, निलंबित या निरस्त करना
• निषेधाज्ञा और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करना
• आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय लेना

पहले ये अधिकार जिला कलेक्टर और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के पास होते थे।

किन कानूनों के तहत अधिकार दिए गए

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस आयुक्त और कमिश्नरेट अधिकारियों को निम्न अधिनियमों के तहत शक्तियाँ दी जाएंगी—
1. छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम, 2007
2. शस्त्र अधिनियम, 1959
3. भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता
4. आवश्यक वस्तु अधिनियम
5. मोटर वाहन अधिनियम
6. सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम
7. कोलाहल नियंत्रण एवं भीड़ नियंत्रण कानून
8. नागरिक सुरक्षा अधिनियम

रायपुर ग्रामीण जिला अलग रहेगा

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला कमिश्नरेट से अलग रहेगा।
रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जिलों—
• बलौदाबाजार
• महासमुंद
• गरियाबंद
• रायगढ़
• अन्य ग्रामीण थाना क्षेत्र

पुरानी व्यवस्था के तहत ही संचालित होंगे।

कानून व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और आपराधिक गतिविधियों पर अधिक प्रभावी होगा नियंत्रण

अधिसूचना में कहा गया है कि “रायपुर नगर की बढ़ती जनसंख्या, जटिल शहरी चुनौतियाँ, अपराध नियंत्रण और त्वरित निर्णय प्रणाली की आवश्यकता को देखते हुए कमिश्नरी सिस्टम लागू किया गया है।” सरकार का मानना है कि इससे कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण अधिक प्रभावी होगा।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

भिलाई में चाकूबाजी, बदमाशों ने युवक की गर्दन पर...

दुर्ग। भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र अंतर्गत वृंदा नगर कैंप-1 में देर रात चाकूबाजी की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार,...

बांध में नाव पलटने से बड़ा हादसा, मछली पकड़ने...

सूरजपुर। जिले के करंजी चौकी क्षेत्र के बतरा इलाके में सोमवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। बांध में मछली पकड़ने गए 9 ग्रामीणों...

CG News : शिक्षक-शिक्षिका का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, DEO...

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में एक शिक्षक और शिक्षिका का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा...

हाईकोर्ट ने निरस्त किया सेवा समाप्ति का आदेश, कहा...

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत टीबी हेल्थ विजिटर सुनीता जांगड़े की सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त कर दिया है।...