खाकी पर दाग: चोरी का माल डकारने वाली दुर्ग की महिला प्रधान आरक्षक गिरफ्तार, बर्खास्तगी के बाद थी फरार

दुर्ग। न्याय की रक्षा करने वाली वर्दी जब खुद अपराध की राह पकड़ ले, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजमी है। दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां जब्ती के सोने के जेवरात गबन करने के आरोप में फरार चल रही बर्खास्त महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता (मोनिका सोनी) को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?

मामले की शुरुआत 4 जुलाई 2022 को हुई थी, जब सिंधिया नगर निवासी सोनल द्विवेदी के घर से 79 ग्राम सोने के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी।

बरामदगी और गबन: जून 2023 में तत्कालीन प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता ने चोर को गिरफ्तार कर करीब 2.5 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए।

झूठ का सहारा: मोनिका ने उच्च अधिकारियों को गुमराह किया कि जेवरात थाने के मालखाने (अलमारी) में सुरक्षित हैं, जबकि असल में उन्होंने उन जेवरात को सरकारी रिकॉर्ड में जमा करने के बजाय खुद के पास रख लिया था।

विभागीय जांच और बर्खास्तगी
पीड़िता की शिकायत और जेवरात गायब मिलने पर जब विभागीय जांच शुरू हुई, तो मोनिका गुप्ता के झूठ की परतें खुलती गईं। कई बार नोटिस और स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

एफआईआर: 4 मार्च 2025 को उनके खिलाफ मोहन नगर थाने में धोखाधड़ी और गबन की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

बर्खास्तगी: गंभीर कदाचार और भ्रष्टाचार के चलते तत्कालीन एसएसपी ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया था।

हाई कोर्ट से झटका: आरोपी महिला ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट में याचिका भी लगाई थी, लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें कोई राहत नहीं दी।

पुराना रहा है ‘ठगी’ का इतिहास
मोनिका गुप्ता का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले छावनी थाने में उनके खिलाफ नौकरी लगाने के नाम पर ठगी का मामला दर्ज हो चुका था। जांच में यह साबित हुआ था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए एक व्यक्ति से उसकी बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की थी।

फरारी के बाद गिरफ्तारी
पिछले लगभग एक साल से फरार चल रही मोनिका गुप्ता को आखिरकार 2 फरवरी 2026 को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

प्रशासन का संदेश: यह कार्रवाई साफ संकेत है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह पुलिस विभाग का हिस्सा ही क्यों न हो।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने ली समीक्षा...

रायपुर। राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विभागीय कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा...

छत्तीसगढ़ में कोरोना की दस्तक, रायपुर और राजनांदगांव में...

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कोरोना संक्रमण की दस्तक हुई है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रदेश के दो जिलों रायपुर और राजनांदगांव में...

BEO कार्यालय में एसीबी का छापा, रिश्वत लेते अधिकारी...

सुकमा। जिले के कोंटा स्थित खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने छापेमार कार्रवाई की है। शिक्षकों से...

राजनांदगांव : शासकीय पट्टे की जमीन की अवैध बिक्री...

राजनांदगांव। शासकीय पट्टे की भूमि को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अवैध रूप से बेचने के मामले में कलेक्टर न्यायालय राजनांदगांव ने बड़ा...