दुर्ग। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव की मानवीय पहल से दुर्ग के कई जरूरतमंद परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। गंजपारा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री यादव ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से पीड़ितों को सहायता राशि के चेक वितरित किए। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि संकट के समय सीधे जनता तक पहुंचना है।

आगजनी पीड़ितों और मरीजों को मिला संबल
पिछले दिनों इंदिरा मार्केट में हुई भीषण आगजनी की घटना से प्रभावित व्यापारियों को फिर से अपना व्यवसाय खड़ा करने के लिए बड़ी मदद दी गई है। अजीमुद्दीन कुरैशी, भगवान दास सिंघाड़े और नानेश्वर सिंघाड़े को 2-2 लाख रुपये के चेक प्रदान किए गए।
इसके साथ ही:
- स्वास्थ्य सहायता: गंभीर बीमारी से जूझ रहे पुरुषोत्तम देवांगन को इलाज के लिए 2 लाख रुपये दिए गए।
- दुर्घटना राहत: उरला की घटना की पीड़िता की माता रोशनी यादव को भी 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली।
- शोक संतप्त परिवारों को मदद: दुर्ग जिला अस्पताल में हुई नसबंदी की दुखद घटना के मृतक परिजनों—विकास यादव और आशीष यादव को 2-2 लाख रुपये प्रदान किए गए।

शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए भी मदद
मंत्री यादव ने केवल बड़ी दुर्घटनाओं में ही नहीं, बल्कि शिक्षा और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए भी हाथ आगे बढ़ाया है। विदुरवाड़ा की सौम्या को शिक्षा के लिए 40 हजार रुपये, इंदिरा सोनवानी को 25 हजार और पुरुषोत्तम साहू को 20 हजार रुपये की सहायता दी गई।

मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा—
“संवेदनशील शासन व्यवस्था वही है जो संकट की घड़ी में अपने नागरिकों के साथ खड़ी रहे। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि पात्रता रखने वाले हर व्यक्ति को समय पर सरकारी सहायता मिले, ताकि कोई भी खुद को अकेला न समझे।”

