दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने रायपुर एम्स में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसे साइबर तकनीक की मदद से ट्रेस कर पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भिलाई के वृंदा नगर कैम्प-1 निवासी मुकेश कोसरे ने 13 जनवरी 2026 को थाना वैशाली नगर में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका कॉलेज मित्र अभिषेक जायसवाल, जो सेक्टर-6 सड़क-12 का निवासी है, ने खुद की पहचान बड़े अधिकारियों और एम्स के कर्मचारियों से होना बताकर रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था।

आरोपी ने नौकरी लगवाने और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने के नाम पर अलग-अलग किश्तों में रकम मांगी। मुकेश कोसरे ने सितंबर 2021 से 16 अक्टूबर 2022 के बीच अपने एसबीआई खाते से कुल 14.50 लाख रुपये आरोपी को ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी लगातार ज्वाइनिंग लेटर देने और रकम वापस करने के नाम पर टालमटोल करता रहा। बाद में वह अपने निवास से फरार हो गया।
मामले में थाना वैशाली नगर पुलिस ने धारा 420 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल भिलाई ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन लखनऊ, उत्तर प्रदेश में मिली, जिसके बाद पुलिस टीम गठित कर वहां रवाना की गई।
पुलिस टीम ने लखनऊ में घेराबंदी कर आरोपी अभिषेक जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

