CG News : पति ने AI से पत्नी का बनाया अश्लील VIDEO, फिर किया वायरल, केस दर्ज

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां AI का कथित रूप से दुरुपयोग कर एक महिला का आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार महिला का विवाह वर्ष 2013 में हुआ था। शुरुआती कुछ वर्षों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। बताया जा रहा है कि लंबे समय से दोनों के रिश्तों में तनाव चल रहा था और करीब दो महीने से तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी बीच महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने बदनाम करने की नीयत से एआई तकनीक का इस्तेमाल कर उसका अश्लील वीडियो तैयार किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर वायरल कर दिया।

पीड़िता का कहना है कि वीडियो पूरी तरह फर्जी और छेड़छाड़ कर बनाया गया है। महिला ने जब सोशल मीडिया पर वीडियो देखा तो वह हैरान रह गई। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि पति ने जानबूझकर उसकी छवि खराब करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस की कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्य जुटाने और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में जुटी हुई है।

अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की तकनीकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि उसे किस प्रकार तैयार किया गया और किन माध्यमों से वायरल किया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आजकल एआई तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आने लगे हैं। खासकर डीपफेक और मॉर्फिंग तकनीक के जरिए लोगों की तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे मामलों में साइबर अपराध की गंभीर धाराएं लगाई जा सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि एआई तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा और मानसिक स्थिति पर गंभीर असर डाल सकता है। महिलाओं को निशाना बनाकर बनाए जा रहे फर्जी वीडियो और फोटो न केवल साइबर अपराध हैं, बल्कि यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता का भी उल्लंघन है।

इधर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी आपत्तिजनक या संदिग्ध सामग्री को बिना सत्यापन शेयर न करें। साथ ही किसी भी प्रकार की साइबर प्रताड़ना या ऑनलाइन अपराध की स्थिति में तुरंत पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

खबरें और भी हैं...
संबंधित

बेमेतरा में BJP पिछड़ा वर्ग मोर्चा की पहली जिला...

बेमेतरा। भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा, जिला बेमेतरा की प्रथम जिला कार्यसमिति बैठक आयोजित हुई। बैठक में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा छत्तीसगढ़ के...

दुर्ग में 26 से 31 अक्टूबर तक बिजली कटौती,...

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद...

छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान का असर : 29 अक्टूबर...

रायपुर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान...

NEET काउंसलिंग में MBBS सीटों के आवंटन पर बवाल...

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मेडिकल प्रवेश के लिए चल रही NEET UG काउंसलिंग का चौथा चरण विवादों में आ गया है। MBBS की 87 सीटों...