रायपुर। धमतरी समेत प्रदेश के कुछ जिलों में प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आवेदन दिए जाने के मामले ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। इस मुद्दे पर कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि किसी प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आवेदन की जरूरत क्यों पड़ रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक धमतरी में 1,500 से अधिक आवेदन मिलने का दावा सामने आया है।
मिशनरियों पर चंद्राकर का आरोप, कहा- कानून से बचने के लिए नए तरीके अपनाए जा रहे
अजय चंद्राकर ने आरोप लगाया कि मिशनरियां कानून के दायरे से बचने के लिए नए तरीके अपना रही हैं और इसी वजह से प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए आवेदन सामने आ रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर कोई व्यक्ति चर्च, मंदिर या मजार में जाता है तो क्या उसे भी आवेदन देना पड़ेगा। इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक स्थल पर जाने के लिए अनुमति या आवेदन की व्यवस्था अपने आप में हास्यास्पद है।
अमित जोगी की कांग्रेस में वापसी पर बोले- कई लोगों की दुकान बंद हो जाएगी
कांग्रेस से निष्कासित अमित जोगी की पार्टी में वापसी की चर्चा पर भी अजय चंद्राकर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि अगर अमित जोगी कांग्रेस में वापस आते हैं तो कई लोगों की राजनीतिक दुकान बंद हो सकती है। चंद्राकर ने दावा किया कि उनके प्रभाव या राजनीतिक समीकरणों के कारण ही उनकी वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है।
कांग्रेस के CM चेहरों को लेकर भाजपा की पोस्ट पर तंज
कांग्रेस के संभावित मुख्यमंत्री चेहरों को लेकर भाजपा की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्राकर ने कहा कि सपना देखने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कांग्रेस की पिछली सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उस दौरान हुए कामकाज को जनता भूली नहीं है और इसी वजह से कांग्रेस को लेकर उन्होंने अपनी राजनीतिक टिप्पणी की।
सड़क सर्वे रिपोर्ट पर बोले- मुख्यमंत्री का निर्देश पर्याप्त
सड़कों को लेकर अब तक सर्वे रिपोर्ट नहीं सौंपे जाने के सवाल पर चंद्राकर ने कहा कि मुख्यमंत्री का निर्देश अपने आप में पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि इसके बाद संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई नहीं होती है तो यह मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में है और आगे की कार्रवाई की जिम्मेदारी अधिकारियों की है।
गौठान के मुद्दे पर दीपक बैज को दी निरीक्षण की चुनौती
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज की ओर से गौठान और सड़क हादसों में गौवंश की मौत का मुद्दा उठाए जाने पर चंद्राकर ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल किया कि गौठान कहां बनाए गए थे। साथ ही कहा कि जिन गौठानों का उद्घाटन किया गया था, उनकी स्थिति देखने के लिए दीपक बैज उनके साथ निरीक्षण कर सकते हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर गौठान के नाम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि सड़कों पर घूमने वाले पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय इस योजना पर ज्यादा जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि केवल बयानबाजी से समस्या का समाधान नहीं होगा।
असम की घटना पर बोले- मामला गलत, लेकिन जांच जरूरी
असम में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव की घटना को लेकर भी अजय चंद्राकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भूपेश बघेल के खिलाफ सवाल उठाते हुए पूछा कि उनके दौरों के दौरान विरोध क्यों होता है। हालांकि उन्होंने घटना को गलत बताते हुए मामले की जांच किए जाने की बात कही। असम के नगांव में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर पथराव की घटना सामने आई थी। कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर आरोप लगाए हैं, जबकि घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं और पुलिस स्तर पर जांच जारी है।
CGPSC मामले पर भी कांग्रेस को घेरा
CGPSC मामले में कथित तौर पर अनुमान से ज्यादा लेन-देन सामने आने की बात पर चंद्राकर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल से जुड़े घोटालों की जांच जब शुरू होती है तो अनुमान से अधिक तथ्य सामने आने का दावा किया जाता है। इसे उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली से जोड़ते हुए सरकार के पुराने मामलों की जांच का हवाला दिया।

