कवर्धा। जनमन योजना के तहत चिमरा से बरभांवर तक बनाई गई करीब 3 किलोमीटर सड़क की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क का डामरीकरण महज तीन महीने में उखड़ने का दावा ग्रामीणों ने किया है। सड़क की परत हाथ से उखाड़ते हुए ग्रामीणों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान निर्धारित गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। उनका दावा है कि निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क की ऊपरी डामर परत कमजोर होकर जगह-जगह से निकलने लगी। वायरल वीडियो में कुछ ग्रामीण सड़क की ऊपरी परत को हाथ से हटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने भी जांच की मांग उठाई
सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने के साथ यह पता लगाने की मांग की है कि करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क इतनी जल्दी खराब कैसे होने लगी।
PMGSY अधिकारी बोले- निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार
वहीं, मामले में PMGSY के अधिकारी ने सड़क निर्माण में किसी तरह की अनियमितता से इनकार किया है। अधिकारी के मुताबिक सड़क का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुसार किया गया है। उन्होंने सड़क की परत उखाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है।

