सारंगढ़। जिला भाजपा की बैठक में संगठन के भीतर चल रही नाराजगी खुलकर सामने आ गई। बैठक में मंडल स्तर पर हुए फैसलों और पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सारंगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश बानी को हटाए जाने का फैसला बैठक में असंतोष की प्रमुख वजह बना।
जयप्रकाश बानी को हटाने पर कार्यकर्ताओं ने जताई आपत्ति
बैठक में कार्यकर्ताओं ने नगर मंडल अध्यक्ष के पद से जयप्रकाश बानी को हटाए जाने के निर्णय पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि संगठन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय स्थानीय कार्यकर्ताओं से चर्चा की जानी चाहिए और उनकी राय को भी महत्व मिलना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने संगठन के भीतर संवाद की कमी और उनकी समस्याओं को उचित मंच नहीं मिलने की बात भी उठाई। इस दौरान जिला प्रभारी शंकरलाल अग्रवाल और जिलाध्यक्ष ज्योति पटेल की कार्यप्रणाली को लेकर भी असंतोष जाहिर किया गया।
वरिष्ठ पार्षद से जुड़े मुद्दे पर गर्माया माहौल
बैठक में वरिष्ठ पार्षद सत्येंद्र बरगाह से जुड़े विषय पर भी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई। इस मुद्दे को लेकर बैठक का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया। इसके अलावा मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए। कुछ लोगों ने नियुक्तियों में कथित लेन-देन के आरोप लगाए, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
बैठक के बाद नारेबाजी, बदलाव की मांग
संगठनात्मक बैठक समाप्त होने के बाद कुछ कार्यकर्ता बाहर आए और अपनी नाराजगी जाहिर की। इस दौरान प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा और जिला संगठन प्रभारी को बदलने की मांग को लेकर नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं की यह नाराजगी अब सार्वजनिक हो गई है। इससे जिला भाजपा में संगठनात्मक स्तर पर चल रहे मतभेदों की चर्चा तेज हो गई है।
चुनाव से पहले पार्टी के सामने चुनौती
नगरीय निकाय चुनावों से पहले संगठन के भीतर पदाधिकारियों की नियुक्ति, मंडल स्तर के फैसलों और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद को लेकर उठे सवाल भाजपा नेतृत्व के लिए चुनौती बन सकते हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि पार्टी नेतृत्व कार्यकर्ताओं की नाराजगी को किस तरह दूर करता है और संगठन में उठ रहे असंतोष के बीच क्या बदलाव या संवाद की पहल की जाती है।

