बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने अब और जोर पकड़ लिया है। दो सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पटवारियों ने सोमवार को शासन के खिलाफ विरोध जताते हुए निलंबन आदेश, कारण बताओ नोटिस और स्थानांतरण आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना आक्रोश जाहिर किया। प्रदर्शन में प्रदेश पटवारी संघ के अध्यक्ष वासुदेव कश्यप भी शामिल हुए। उन्होंने दो टूक कहा कि मांगें पूरी होने तक पटवारी काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
आदेशों की प्रतियां जलाकर जताया विरोध
जिला पटवारी संघ के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पटवारियों ने शासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि मांगों को लेकर जारी आंदोलन के बीच निलंबन, नोटिस और तबादले जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव कश्यप ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने दीपावली के बाद आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दी।
12 अक्टूबर से काम बंद कर हड़ताल पर हैं पटवारी
पटवारी संघ ऑनलाइन एप के माध्यम से काम कराने की व्यवस्था सहित अपनी अन्य मांगों और स्थानांतरण संबंधी आदेशों के विरोध में 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहा है। संघ का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। शासन की ओर से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की शर्त पर मांगों पर विचार करने की बात कही गई थी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी है।
राजस्व से जुड़े कामकाज पर असर
पटवारियों की हड़ताल का असर जिले के राजस्व कार्यों पर दिखाई देने लगा है। किसानों और आम नागरिकों से जुड़े नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और गिरदावरी जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। कई प्रकरण लंबित होने से लोगों को राजस्व संबंधी कामों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकार और पटवारी संघ के बीच बातचीत पर टिकी नजरें
प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव कश्यप ने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा। वहीं, हड़ताल लंबी खिंचने से आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ने की आशंका है। अब निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं। दोनों पक्षों के बीच सहमति कब बनती है, इसी पर जिले में राजस्व कामकाज सामान्य होने की उम्मीद निर्भर करेगी।

