राजनांदगांव। जिले के सोमनी थाना क्षेत्र स्थित एक रिसॉर्ट में भिलाई की युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दो आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है। हाईकोर्ट ने छत्रपाल देशमुख और घनश्याम बेलचंदन की जमानत याचिकाएं स्वीकार करते हुए दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक-एक जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है।
जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने 3 नवंबर को यह आदेश पारित किया। मामला 18 जून 2026 का है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, भिलाई की युवती अपने दोस्तों के साथ राजनांदगांव जिले के एक रिसॉर्ट में गई थी। आरोप है कि रात में सभी ने शराब का सेवन किया और अलग-अलग स्थानों पर चले गए।
इसी दौरान सह आरोपी आशुतोष हिरवानी युवती को बाथरूम में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर तक युवती बाहर नहीं आई तो अन्य दोस्त उसे देखने पहुंचे। वहां युवती बेहोशी की हालत में मिली। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण नहीं
मामले की जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया था और विसरा सुरक्षित रखा गया था। हालांकि, मेडिकल अधिकारी ने पूछे गए सवाल के जवाब में अत्यधिक मात्रा में एथिल अल्कोहल यानी शराब के सेवन को मौत का कारण बताया। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश में एफएसएल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि का उल्लेख किया गया है।
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने रखी ये दलीलें
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप सह आरोपी आशुतोष हिरवानी पर है। जमानत मांगने वाले दोनों आवेदकों पर न तो युवती की हत्या करने और न ही ऐसी शारीरिक चोट पहुंचाने का आरोप है, जिससे उसकी मौत हुई हो।
बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि घटना के समय रिसॉर्ट में तीन अन्य लोग भी मौजूद थे, लेकिन उन्हें मामले में आरोपी नहीं बनाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने छत्रपाल देशमुख और घनश्याम बेलचंदन की जमानत याचिकाएं मंजूर कर लीं। मामले में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता मनोज मित्रा ने पैरवी की।

