सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जमीन हड़पने के लिए सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर उसकी जमीन का नामांतरण और रजिस्ट्री करा दी गई। मामले की शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद झिलमिली पुलिस ने तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, झिलमिली थाना क्षेत्र के ग्राम करकोटी स्थित जमीन से जुड़े इस मामले में आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर महिला को मृत दर्शाया गया। इसके बाद उसी दस्तावेज के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण कर जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गई।
मामले की शिकायत मिलने पर प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी सहित चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। जांच के दौरान फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र की सत्यता, राजस्व अभिलेखों में किए गए बदलाव, नामांतरण की प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर जमीन हड़पने के बड़े षड्यंत्र का मामला साबित हो सकता है।

