लिव-इन रिलेशनशिप से परेशान मां पहुंची महिला आयोग, बेटे और महिला को अलग रहने की सलाह

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की मंगलवार को हुई सुनवाई में लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़ा पारिवारिक विवाद सामने आया। एक मां ने शिकायत करते हुए बताया कि उसका बेटा बिना विवाह के एक महिला के साथ रह रहा है। दोनों के बीच आए दिन विवाद होने से घर का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने मां और बेटे के साथ रह रही महिला को अलग-अलग रहने की सलाह दी।

बेटे के लिव-इन रिलेशनशिप से परेशान थी मां
आवेदिका ने महिला आयोग को बताया कि उसका बेटा एक महिला के साथ बिना शादी के लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है। दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता है, जिसका असर परिवार के अन्य सदस्यों पर भी पड़ रहा था। सुनवाई के दौरान आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनी और विवाद की स्थिति को समझने का प्रयास किया।

आयोग ने मामले में टकराव बढ़ाने के बजाय मां और संबंधित महिला को अलग-अलग रहने की व्यवस्था करने की सलाह दी, ताकि दोनों पक्ष शांतिपूर्ण तरीके से अपना जीवन जी सकें।

भरण-पोषण नहीं देने की शिकायत
महिला आयोग के समक्ष एक अन्य महिला ने पति पर करीब डेढ़ साल से दूसरी महिला के साथ रहने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस दौरान पति ने उससे और उसकी बेटी से संपर्क नहीं किया और भरण-पोषण भी नहीं दिया। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने महिला को न्यायालय के माध्यम से उचित कानूनी राहत लेने की सलाह दी।

पति पर मानसिक दबाव बनाने का आरोप
एक अन्य प्रकरण में महिला ने अपने पति पर विवाह समाप्त करने और घर वापस नहीं आने के लिए मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। सुनवाई के दौरान पति उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने रायगढ़ पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर मामले का निराकरण कराने के निर्देश दिए।

34 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए
मंगलवार को राज्य महिला आयोग के समक्ष महिला उत्पीड़न और पारिवारिक विवाद से संबंधित 34 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए। इनमें से 23 मामलों की सुनवाई हुई, जबकि 8 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए।

यह राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की प्रदेश स्तर पर पांचवीं सुनवाई थी। इस दौरान लिव-इन रिलेशनशिप के अलावा वैवाहिक विवाद, मानसिक प्रताड़ना और पारिवारिक कलह से जुड़े मामलों पर भी सुनवाई की गई।

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