ननों की गिरफ्तारी मामले में आया नया मोड़, युवती ने किया बड़ा खुलासा

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन से दो ननों की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इन ननों पर आदिवासी युवतियों को जबरन धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप लगाए गए थे, लेकिन अब इस मामले में नया मोड़ आया है।

आरोप है कि बजरंग दल के सदस्यों ने युवती पर दबाव डालकर गलत बयान दिलवाया। युवती ने दावा किया कि वह अपनी मर्जी से ननों के साथ आगरा जा रही थी, जहां उसे नौकरी मिलने वाली थी। उसे 10,000 रुपये मासिक वेतन, खाना, कपड़े और आवास देने की बात कही गई थी। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि बजरंग दल से जुड़ी महिला ने उसे दो बार थप्पड़ मारा और धमकी दी कि अगर उसने जबरन धर्मांतरण की बात नहीं मानी, तो उसके भाई को जेल भेज दिया जाएगा।

बजरंग दल के कार्यकर्ता ऋषि मिश्रा ने दावा किया कि एक रिक्शा चालक ने महिलाओं और ननों की बातचीत सुनी और संदेह के आधार पर संगठन को सूचना दी। इसके बाद कार्यकर्ता स्टेशन पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों ननों को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन युवती का कहना है कि पुलिस ने उसका बयान दर्ज नहीं किया और सारी कार्रवाई बजरंग दल के लोगों की जानकारी पर हुई।

इस मामले की जांच की जा रही है और सेशन कोर्ट ने गिरफ्तार ननों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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