रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को रायपुर आरटीओ (RTO) कार्यालय में पदस्थ एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया। इस कार्रवाई के बाद से पूरे दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल है।

15 हजार की मांग, 14 हजार में हुआ सौदा
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान शोभा राम देवांगन के रूप में हुई है, जो आरटीओ कार्यालय में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर तैनात था। आरोपी ने एक फाइनेंस कंपनी की गाड़ी का नाम ट्रांसफर (Owner Change) करने के एवज में शिकायतकर्ता से 15,000 रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने का इच्छुक नहीं था, इसलिए उसने मामले की लिखित शिकायत एसीबी कार्यालय में दर्ज कराई। शुरुआती जांच में शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
ट्रैप बिछाकर रंगे हाथों दबोचा
योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 14,000 रुपये लेकर आरटीओ कार्यालय पहुँचा। जैसे ही शोभा राम देवांगन ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से वहां सादे कपड़ों में तैनात एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा।
कार्यालय परिसर में मचा हड़कंप
यह कार्रवाई आरटीओ कार्यालय के भीतर ही की गई, जिसे देख वहां मौजूद अन्य कर्मचारी और आम जनता दंग रह गई। अचानक हुई इस रेड से कार्यालय में हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए कामकाज भी ठप रहा। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ एसीबी मुख्यालय ले गई।
कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
“भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। इस मामले में यदि अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।” — एसीबी अधिकारी
इस कार्रवाई को राजधानी में सरकारी तंत्र के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक कड़ा प्रहार माना जा रहा है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी सेवक काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना विभाग को दें।