BSP वर्कर्स यूनियन की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न: ठेका प्रकोष्ठ की पूर्ण कार्यकारिणी समिति का किया जाएगा गठन, इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) में बीते कुछ वर्षों से नियमित कर्मचारियों की संख्या में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि इसके विपरीत ठेका श्रमिकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। संयंत्र के अधिकांश महत्वपूर्ण कार्य आज ठेका श्रमिकों के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, परंतु दुर्भाग्यवश उन्हें न तो स्थायी कर्मियों जैसी सुविधाएं प्राप्त हैं और न ही उनके अधिकारों की समुचित रक्षा हो पा रही है।

ठेका श्रमिकों के साथ हो रहे शोषण, लंबित वेतन, न्यूनतम मजदूरी से कम भुगतान, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों, सेवा समाप्ति की मनमानी प्रक्रिया तथा अन्य गंभीर समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए गुरुवार को BSP वर्कर्स यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संयंत्र में कार्यरत ठेका श्रमिकों की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की गई और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि ठेका श्रमिकों की समस्याओं के समाधान हेतु एक स्वतंत्र एवं सशक्त संगठन का गठन किया जाएगा, जो BSP वर्कर्स यूनियन के ठेका प्रकोष्ठ के रूप में कार्य करेगा। यह प्रकोष्ठ ठेका श्रमिकों की आवाज को मजबूती से प्रबंधन और शासन स्तर तक पहुंचाने का कार्य करेगा।

इस अवसर पर BSP वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष उज्ज्वल दत्ता ने संगठन के वरिष्ठ, अनुभवी एवं श्रमिक हितों के लिए लंबे समय से संघर्षरत नेता अमित बर्मन को ठेका प्रकोष्ठ का कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया। वहीं, युवा वर्ग के सक्रिय एवं जुझारू प्रतिनिधि धनंजय गिरी को प्रकोष्ठ का महासचिव नियुक्त किया गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही ठेका प्रकोष्ठ की पूर्ण कार्यकारिणी समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों एवं कार्यक्षेत्रों से ठेका श्रमिकों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि हर स्तर की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके।

यह ठेका प्रकोष्ठ संयंत्र में कार्यरत समस्त ठेका श्रमिकों की समस्याओं—जैसे न्यूनतम मजदूरी का पालन, समय पर वेतन भुगतान, पीएफ-ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा मनमानी एवं अन्यायपूर्ण छंटनी पर रोक—के समाधान के लिए सतत और संगठित प्रयास करेगा।
साथ ही यह संगठन यह सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य करेगा कि शासन द्वारा निर्धारित श्रम कानूनों एवं नियमों का पूर्ण पालन हो तथा किसी भी ठेका श्रमिक के साथ अन्याय न होने पाए।

BSP वर्कर्स यूनियन का ठेका प्रकोष्ठ भविष्य में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा एवं उनकी जायज मांगों के निराकरण हेतु निरंतर संघर्षरत रहेगा और श्रमिक हितों के लिए हर स्तर पर आवाज बुलंद करता रहेगा।

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