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भिलाई के छोटे-बड़े उद्योगों की स्थिति ठीक नहीं...एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंदर खुराना ने केंद्र और राज्य सरकार से लगाई मदद की गुहार, आखिर क्यों बिगड़ी है स्थिति, खुराना बता रहे ये वजह

भिलाई के छोटे-बड़े उद्योगों की स्थिति ठीक नहीं...एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंदर खुराना ने केंद्र और राज्य सरकार से लगाई मदद की गुहार, आखिर क्यों बिगड़ी है स्थिति, खुराना बता रहे ये वजह  

October 13, 2021

भिलाई। भिलाई एंसीलरी एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंदर सिंह खुराना ने उद्योग की मौजूदा स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की है। अरविंदर ने कहा है कि, छोटे और बड़े उद्योग खतरे में है। इसके पीछे हर दिन लोहे के कच्चा माल जैसे प्लेट, ऐंगल, चैनल पिंग आइरन के मूल्यों में 80 प्रतिशत की वृद्धि पिछले एक साल में हुई है वो है।

पिछले एक साल में मूल्यों में अभी तक 80 प्रतिशत मूल्यों की वृद्धि हुई। जो लोहा आज से एक साल पहले ३६ रुपए का था वो अब ७२ रुपए का हो गया है। अभी पिछला नुक़सान सह नहीं पाए थे उद्योगपति आज फिर लोहे के मूल्य में वृद्धि हो गयी।

अरविंदर ने कहा कि, ये मूल्य दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। इन मूल्यों की वृद्धि के कारण आम आदमी भी परेशान हो गया है। कोई भी अपने नए घर बनाने की कोशिश करने की भी नहीं सोच सकता क्योंकि जो छड़ ३६ रुपए था वो ५७ रुपए जो गया है। सीमेंट के रेट्स में वृद्धि  हो गयी है सीमेंट सही तरीक़े से मिल भी नहीं पा रहा है।

अरविंदर ने कहा कि, आज लोहे के मूल्यों में वृद्धि ऐसे बढ़ रहे है जैसे बिना लगाम का घोरा। उद्योगपति इस कारण परेशान है की जो वर्क ऑर्डर उद्योगपतियों के पास है वो उन्हें कैसे पूरा करेंगे‌? क्योंकि कच्चे माल के रेट बढ़ गए पर स्टील प्लांट उद्योगपतियों को उनके वर्क ऑर्डर के रेट में वृद्धि नहीं दे रहे। ऐसे में सभी उद्योगपति परेशान है और तकलीफ़ में आ गए है।

क्योंकि अगर प्लांट को वो मटेरियल सप्लाई नहीं करेंगे तो उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और अगर मटेरियल सप्लाई करते हैं तो उद्योगपतियों को भारी नुक़सान सहना पड़ेगा। जिससे वह अपने उद्योग चला नहीं पाएँगे। अरविंदर ने सवाल करते हुए कहा है कि, क्या ये रेट्स की वृद्धि कुछ बड़े लोगों को और बड़ा बनाने का रास्ता बना रहे है।

ये आनियियंत्रित कच्चे माल  के मूल्यों में वृद्धि समझ से बाहर है और अरविन्दर सिंह खुराना ने केंद्रीय सरकार से इस और धयान आकर्षित करने का निवेदन कर रहे की लोहे के रेट्स में वृद्धि को रोके और इन्हें कम करे नहीं तो छोटे और बड़े उद्योगों का नामों निशान मिट जाएगा बेरोज़गारी बढ़ जाएगी क्योंकि उद्योगपतियों के पास अपने उद्योग बंद करने के इलावा कोई रास्ता नहीं रह जाएगा।

अरविन्दर सिंह खुराना ने केंद्रीय सरकार एवं राज्य सरकार से उद्योगों को बचाने की गुहार लगायी है नहीं तो सभी उद्योगपति सड़क पर आ जाएँगे।



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