दुर्ग। जिले के भिलाई स्थित एसबीएस अस्पताल को ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए की अवैध उगाही का प्रयास करने वाले आरोपी को छावनी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी गुरुमीत सिंह वाधवा पर खुद को प्रभावशाली बताकर अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाने का आरोप है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी गुरुमीत सिंह वाधवा पहले एसबीएस अस्पताल में इलाज के दौरान संपर्क में आया था। कैंसर के इलाज के दौरान मुफ्त सुविधाओं का लाभ लेने के बाद उसने इसी आधार पर अस्पताल प्रबंधन पर दबाव बनाना शुरू किया।
आरोप है कि वाधवा ने अस्पताल प्रबंधन से 5 लाख रुपए की मांग करते हुए लगातार मानसिक दबाव बनाया और ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम वसूलने की कोशिश की। अस्पताल मैनेजर निर्मल सिंह की शिकायत के बाद छावनी थाना में अपराध दर्ज किया गया।

पुलिस ने मामले की जांच में गवाहों के बयान दर्ज किए और तकनीकी सबूत जुटाए। घटना से जुड़े 13 मोबाइल फोटोग्राफ, अस्पताल उपचार से संबंधित दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों ने आरोपी के खिलाफ केस मजबूत किया। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद शुक्रवार को पुलिस टीम ने आरोपी को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी से कई तथ्य सामने आए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बड़े नेताओं के साथ अपनी तस्वीरें और कथित फर्जी लेटर दिखाकर प्रभाव जमाता था, ताकि सामने वाला भयभीत होकर उसकी मांग मान ले।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर छत्तीसगढ़ चिकित्सा रक्षक एवं चिकित्सा सेवा संस्थान संरक्षण अधिनियम 2010 की धारा 3 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सा संस्थानों में भय और दबाव बनाकर उगाही की कोशिश को गंभीर अपराध माना जा रहा है और इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य संस्थानों या लोगों को भी निशाना बनाया या नहीं। बरामद दस्तावेज और कथित लेटर की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि आरोपी प्रभाव और धमकी का इस्तेमाल कर लंबे समय से उगाही का खेल चला रहा था।