श्मशान में पूजा-पाठ और मुंडन : 16 लोगों की मौजूदगी से गांव में मचा हड़कंप, 60 नींबू मिलने से गहराया शक

बालोद। जिले के रनचिरई थाना क्षेत्र के जोरातराई गांव में श्मशान के पास हुई संदिग्ध गतिविधियों ने ग्रामीणों के बीच हड़कंप मचा दिया। 27 सितंबर की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच दूसरे गांवों से आए करीब 14 से 16 लोगों के श्मशान के पास मौजूद होने की जानकारी सामने आई। ग्रामीणों के मुताबिक, इस दौरान वहां पूजा-पाठ किया जा रहा था और कुछ लोगों के एक-दूसरे का मुंडन करने की बात भी सामने आई।

ग्रामीणों की भीड़ पहुंची तो मची अफरा-तफरी

श्मशान के पास लोगों की संदिग्ध गतिविधियां देखकर ग्रामीणों का शक गहराया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख कुछ लोग वहां से भाग निकले, जबकि करीब छह लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों से ग्रामीणों ने पूछताछ की और उनके वहां पहुंचने का कारण जानने की कोशिश की। ग्रामीणों का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद मामले की सूचना रनचिरई पुलिस को दी गई।

मौके से 60 नींबू, त्रिशूल और मिट्टी मिलने का दावा

सूचना मिलते ही रनचिरई पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। ग्रामीणों के मुताबिक, घटनास्थल से करीब 60 नींबू, त्रिशूल, अलग-अलग प्रकार की मिट्टी और अन्य सामग्री मिली। इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने वहां मुर्गों की बलि दिए जाने और उन्हें दफनाने की भी चर्चा की। हालांकि, बलि दिए जाने की इस बात की पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

तंत्र-मंत्र की चर्चा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं

श्मशान के पास पूजा-पाठ, मुंडन और बड़ी संख्या में नींबू समेत अन्य सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ ग्रामीण इस गतिविधि को तंत्र-मंत्र या किसी तरह की साधना से जोड़कर देख रहे हैं।

तीन दिन बाद पुल के पास फिर मिली मटकी और नारियल

मामले में नया मोड़ तब आया जब 30 सितंबर को उसी क्षेत्र में पहली घटना वाले स्थान से कुछ दूरी पर पुल के पास संदिग्ध सामग्री मिलने की बात सामने आई। ग्रामीणों के मुताबिक, वहां मटकी, नारियल, धागे से बंधी सामग्री और एक सिक्का मिला।नई सामग्री मिलने के बाद ग्रामीणों ने इसे 27 सितंबर की घटना से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

क्या गड़े धन की तलाश से जुड़ा है मामला?

पुल के पास मटकी, नारियल और सिक्का मिलने के बाद गांव में एक और चर्चा शुरू हो गई। कुछ ग्रामीणों ने आशंका जताई कि कहीं श्मशान के आसपास की गई गतिविधियों का संबंध जमीन में दबे कथित धन की तलाश से तो नहीं था। लेकिन पुलिस जांच में अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए गड़े धन की तलाश वाली बात को भी फिलहाल केवल ग्रामीणों की आशंका के तौर पर ही देखा जा रहा है।

9 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, कोर्ट ने भेजा न्यायिक रिमांड पर

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। एडिशनल एसपी चंद्रकांत गवर्ना के मुताबिक, ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर रनचिरई थाने में कार्रवाई की गई। पुलिस ने सभी 9 लोगों को गुंडरदेही न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। घटना के अगले दिन संदिग्ध लोगों की कुछ बाइक जब्त किए जाने की बात भी सामने आई है।

पुलिस जांच में खुलेगा पूरा राज

फिलहाल पुलिस बरामद सामग्री, घटनास्थल और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस के सामने मुख्य सवाल यह है कि आखिर शाम के समय श्मशान के पास इतने लोग किस उद्देश्य से पहुंचे थे? वहां पूजा-पाठ और मुंडन क्यों किया जा रहा था? करीब 60 नींबू और अन्य सामग्री किस मकसद से लाई गई थी? और 30 सितंबर को पुल के पास मिली सामग्री का इस घटना से कोई संबंध है या नहीं?

Exit mobile version