बलौदाबाजार। मतदाता सूची में कथित तौर पर नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत बलौदाबाजार में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कई सवाल उठाए। पार्टी ने मांग की कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से न हटे।
शरद आहेर ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब
कांग्रेस ऑब्जर्वर शरद आहेर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि घुसपैठियों की पहचान के नाम पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की बातें सामने आई हैं। आहेर ने चुनाव आयोग से पूछा कि यदि ऐसे लोगों की पहचान की गई है तो उनकी संख्या कितनी है और इसके लिए आयोग के पास क्या प्रमाण मौजूद हैं।
कांग्रेस बोली- मताधिकार की सुरक्षा जरूरी
पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी कड़ी है। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के सूची से बाहर हो जाता है, तो उसका सीधे तौर पर मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया में स्पष्ट नियम, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की। पार्टी का कहना है कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के जरिए वह इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जा रही है।
1 नवंबर को दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
बलौदाबाजार की प्रेसवार्ता के बाद अब कांग्रेस का अगला बड़ा फोकस दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम पर है। पार्टी के मुताबिक 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन मार्च और महारैली प्रस्तावित है।

