छत्तीसगढ़ में भारत बंद का असर : रायगढ़ में खदानें बंद, कोयला परिवहन ठप, प्रदर्शनकारी बोले- नए कानून से घटेंगे मजदूरों के अधिकार

रायपुर। केंद्र सरकार की चार श्रम संहिताओं और अन्य नीतियों के विरोध में आज देश की 10 प्रमुख ट्रेड यूनियन और 100 से अधिक जन संगठन हड़ताल पर है। छत्तीसगढ़ में इसका मिलाजुला असर देखने को मिल रहा है। रायगढ़ जिले में ट्रेड यूनियन सदस्य छाल कोल खदान के पास प्रदर्शन कर रहे हैं। हड़ताल के चलते छाल सहित जिले की चार कोयला खदानें बंद हैं, जिससे कोयला परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है।

यूनियन के नेताओं के मुताबिक नए कानून से मजदूरों के अधिकार कम होंगे। स्थायी नौकरी की जगह फिक्स टर्म रोजगार लागू हो सकता है, शिफ्ट 8 से बढ़ाकर 12 घंटे की जा सकती है। कोल इंडिया के निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही वेतन, सुविधाओं, जमीन के बदले नौकरी और पुनर्वास जैसे प्रावधान खत्म होने और ट्रेड यूनियनों के रजिस्ट्रेशन पर भी खतरा है।

इससे पहले रायपुर में हड़ताल के समर्थन में बुधवार को कर्मचारी भवन बूढ़ापारा से मशाल रैली निकाली गई। रैली में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सभा में बदल गई। बता दें कि चैंबर ऑफ कॉमर्स ने इस हड़ताल को समर्थन नहीं दिया है। इसके चलते शहर की दुकानें खुली हुई है। दुर्ग में भी हड़ताल का कोई खास असर नहीं देखने मिल रहा।

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