भिलाई। फार्मास्यूटिकल विज्ञान और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा के लिए संजय रुगंटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत संचालित रुगंटा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च (RIPSR) में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। 20 और 21 नवंबर 2026 को होने वाली इस संगोष्ठी में देशभर के शिक्षाविद, शोधकर्ता, फार्मास्यूटिकल विशेषज्ञ और विद्यार्थी हिस्सा लेंगे।
संगोष्ठी का विषय “Harnessing Artificial Intelligence in Pharmaceutical Science: Innovation, Challenges, and Future Prospects” रखा गया है। कार्यक्रम संस्थान के ऑडिटोरियम में सुबह 9 बजे से शुरू होगा। इसका उद्देश्य फार्मास्यूटिकल विज्ञान में AI की भूमिका, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना है।
दवा विकास से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक AI के उपयोग पर चर्चा
दो दिवसीय संगोष्ठी के दौरान औषधि खोज एवं विकास, फार्मास्यूटिकल अनुसंधान, स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही फार्मेसी शिक्षा, शोध और व्यावसायिक क्षेत्र में AI के प्रभावी इस्तेमाल से जुड़ी चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर भी विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को नई तकनीकों, अनुसंधान की बदलती प्रवृत्तियों तथा AI आधारित स्वास्थ्य समाधानों को समझने का अवसर मिलेगा। संगोष्ठी में D.Pharm, B.Pharm, M.Pharm, Pharm.D और Ph.D. के विद्यार्थी, शोधार्थी, प्राध्यापक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवर भाग ले सकते हैं।
CGCOST के सहयोग से हो रहा आयोजन
यह राष्ट्रीय संगोष्ठी छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CGCOST) द्वारा प्रायोजित है। आयोजन के लिए संस्थान के प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश कुमार साहू को अनुदान स्वीकृत किया गया है। उनके संस्थागत नेतृत्व और समन्वय में आयोजित यह कार्यक्रम फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान में आधुनिक तकनीकों की समझ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। संजय रुगंटा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन इंजीनियर संजय रुगंटा और डायरेक्टर डॉ. सकेत रुगंटा ने संगोष्ठी के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान में वैज्ञानिक नवाचार, अंतर्विषयक सहयोग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सार्थक उपयोग को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
इच्छुक प्रतिभागी करा सकते हैं पंजीयन
संस्थान के अनुसार, संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को आधुनिक वैज्ञानिक प्रगति से जोड़ना तथा फार्मास्यूटिकल विज्ञान के भविष्य में AI की भूमिका के प्रति जागरूक करना है। यह आयोजन विभिन्न संस्थानों के प्रतिभागियों के बीच शैक्षणिक संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और आपसी सहयोग को भी बढ़ावा देगा। इच्छुक प्रतिभागी संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक पंजीकरण लिंक के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं। पंजीकरण से संबंधित जानकारी के लिए 9907749963 पर संपर्क किया जा सकता है। संस्थान ने फार्मेसी विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों और विशेषज्ञों से संगोष्ठी में सहभागिता की अपील की है।
