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VIDEO: अग्निकांड में भिलाई का एक कोविड मरीज भी जल गया...हादसे के बाद भी हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने पेमेंट के लिए बेटे को किया कॉल, मृतक के बेटे ने कहा-खुद ढूंढा हूं शव

VIDEO: अग्निकांड में भिलाई का एक कोविड मरीज भी जल गया...हादसे के बाद भी हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने पेमेंट के लिए बेटे को किया कॉल, मृतक के बेटे ने कहा-खुद ढूंढा हूं शव  

April 18, 2021

भिलाई। रायपुर के राजधानी अस्पताल के कोविड आईसीयू में कल आग लग गई। इस अग्निकांड में पांच लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक मरीज भिलाई का है। मृतक का नाम ईश्वर राव है। घटनास्थल पर रायपुर के पत्रकार मौजूद रहे। इनमें से एक दैनिक भास्कर रायपुर के युवा पत्रकार सुमन पांडेय ने ग्राउंड रिपोर्ट की। सुमन ने हादसे में जान गवाने वाले इश्वर राव के बेटे दिल्ली राव से बातचीत की।

दिल्ली ने बताया, ‘मैं आज अपनी, मां, बहन को लेकर एम्स गया था। हम खुद का कोविड टेस्ट करवा रहे थे, तब दोपहर को करीब 2 बजे आस-पास अस्पताल वालों ने फोन किया कि पेमेंट करना है। इस वक्त अस्पताल में आग लग चुकी थी, मुझे किसी ने कुछ नहीं कहा।’ दिल्ली की बहन ने बताया, ‘हम एटीएम खोज रहे थे, कि कहीं से पैसे लाकर अस्पताल वालों को दें, ताकि मेरे पापा की अच्छी देख-रेख हो। मगर तब तक तो वो जल चुके थे।’

दिल्ली ने बताया, ‘हम अस्पताल के सामने एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी देखकर डर गए। कोई कुछ नहीं बता रहा था। अस्पताल वाले बात करने को राजी नहीं थे। मैंने कुछ नही सुना और ऊपर जाकर देखा, बेड पर मेरे पिता जले पड़े हुए थे। मैंने अपने हाथ से उनके चेहरे पर पड़ा कपड़ा हटाया तो देखा उनकी डेथ हो चुकी थी। हम 5 घंटे तक चींखते रहे कि कोई उन्हें बाहर निकाल दो, अरे लाश तो दे दो मगर अस्पताल वालों ने कुछ नहीं सुनी, यूं ही हमें छोड़ दिया। पुलिस वालों ने कह दिया कि सुबह पंचनामे के बाद लाश दी जाएगी।’

एक मृतक का कवर्धा का भी था
कवर्धा से आए प्रिय प्रकाश ने बताया, ‘मेरे बड़े रमेश साहू इस अस्पताल में 9 दिनों से एडमिट थे। मैं दिन भर उनके साथ था। करीब पौने दो बजे मैं दवाएं वगैहर लाकर देने के बाद रूम पर गया। पहुंचा तो करीब 15 मिनट बाद मुझे कॉल आया कि यहां आग लग गई है। मैं हड़बड़ाकर यहां पहुंचा। कोई कुछ जानकारी ही नहीं दे रहा था। मेरे पेशेंट को निकालने की मिन्नतें कर रहा था मगर किसी ने नहीं सुना।

मैं जैसे-तैसे अंदर गया तो देखा कई लाशें पड़ी थीं, मैं गिन नहीं पाया मगर जो लोग निकालकर ले जा चुके थे, वो ले गए। अब भी वहां लाशें पड़ी हैं। अस्पताल का स्टाफ एक घंटे तक मुझे घुमाता रहा, मैं पूछता रहा मेरे भइया कहां है, मुझे जवाब मिला अरे रुक जाओ यार अभी हम बिजी हैं, कहीं इधर-उधर हो गए होंगे। शवों के बीच मैंने देखा तो मेरे बड़े भाई की आधी जली लाश पड़ी थी। वो ही मेरे भाई थे।’

पुलिस का दावा- बारीकी से हो रही जांच
टिकरापारा टीआई संजीव मिश्रा ने बताया कि जिस फ्लोर में आग लगी, उसकी बारीकी से जांच की गई है। रविवार को फोरेंसिक जांच होगी। इसके बाद प्रबंधन के खिलाफ जुर्म दर्ज किया जाएगा। टीआई ने भर्ती मरीजों के परिजन से बातचीत के आधार पर बताया कि अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित एसआईसीयू में हादसा हुआ।

अब तक यही पता चला है कि वहां 34 से ज्यादा मरीज भर्ती है। एक मरीज के बेड के ऊपर पंखा लगा था, जो शॉर्ट सर्किट से जला और मरीज के ऊपर ही गिर गया। इससे पूरे आईसीयू में धुंआ फैल भर गया। एक मरीज के जिंदा ही जलने की सूचना है। इस वार्ड में ड्यूटी कर रहा पैरामेडिकल स्टाफ पीपीई किट पहनने की वजह से भाग नहीं पाया और कई की हालत खराब है। उनका भी इलाज चल रहा है।

हादसे के वक्त 50 मरीज थे अस्पताल में
अस्पताल में जिस वक्त हादसा हुआ यहां 50 के करीब मरीज थे। ऊपरी इमारत का कांच तोड़कर धुआं बाहर निकाला गया। मरीजों के परिजन खुद अपने जोखिम पर मरीजों को बाहर निकालने की व्यवस्था कर रहे थे। कुछ लोग चीख रहे थे, रो रहे थे बस अस्पताल के स्टाफ से यही कह रहे थे कि मेरे मरीज को बाहर निकाल दो, कोई उन्हें सही जगह पर पहुंचा दो। अस्पताल के बाहर स्टाफ और मरीज के घर वालों ने कुछ एंबुलेंस बुलवाईं।



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