भिलाई/रायपुर, 13 मार्च 2026: भिलाई की ‘लाइफलाइन’ कहे जाने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय एवं अनुसंधान केंद्र (सेक्टर-9 अस्पताल) के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा प्रस्तुत अशासकीय संकल्प सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है। इस संकल्प के जरिए अब केंद्र सरकार से सेक्टर-9 अस्पताल को लखनऊ के पीजीआई (PGI) की तर्ज पर विकसित करने की अनुशंसा की गई है।

निजीकरण की खबरों पर लगा विराम
पिछले काफी समय से भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के बीच अस्पताल के निजीकरण को लेकर चिंता बनी हुई थी। विधायक रिकेश सेन ने सदन में स्पष्ट किया कि अस्पताल का निजीकरण नहीं, बल्कि आधुनिकीकरण किया जाएगा। उन्होंने सेल (SAIL) प्रबंधन और निदेशक प्रभारी से चर्चा का हवाला देते हुए निजीकरण की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
लखनऊ PGI जैसा बनेगा इंफ्रास्ट्रक्चर
विधायक रिकेश सेन ने सदन को बताया कि स्थापना के समय से ही यह अस्पताल अविभाजित मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र रहा है। समय के साथ इसके बुनियादी ढांचे में आए ठहराव को दूर करने के लिए इसे सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं से लैस करना जरूरी है। प्रस्तावित योजना के तहत:
- अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाए जाएंगे।
- देश के विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी।
- अस्पताल के पूरे सेटअप को सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर अपग्रेड किया जाएगा।
इस्पात बिरादरी में हर्ष की लहर
बीएसपी कर्मियों और उनके परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाए गए इस कदम से पूरे भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विधायक ने कहा कि हमारा लक्ष्य इस संस्थान को देश के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में फिर से खड़ा करना है, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग को उच्च स्तरीय इलाज के लिए महानगरों की ओर न भागना पड़े।