भिलाई में भाई ने ही बिल्डर के नाम पर किया फर्जीवाड़ा : फर्जी NOC से 2 दुकानें बेचकर 28 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

भिलाई। शहर में कारोबारी के नाम और पहचान का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि चौहान ग्रुप के मालिक और बिल्डर अजय चौहान के नाम का इस्तेमाल उनके ही भाई संजय चौहान ने किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर अजय चौहान के नाम से फर्जी लेटरपैड तैयार किया और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) पर उनके हस्ताक्षर की नकल कर दी।

इसी दस्तावेज के आधार पर चौहान प्लाजा की दो दुकानों का सौदा किए जाने और खरीदार से कुल 28 लाख रुपये लेने का आरोप है। शिकायत के बाद सुपेला पुलिस ने आरोपी संजय चौहान (47), निवासी शास्त्री नगर, भिलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

फर्जी दस्तावेज के सहारे दो दुकानों का सौदा

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता साजिद खान ने दुकानों की खरीद-बिक्री को लेकर पुलिस से संपर्क किया था। आरोप है कि सौदा कराने के लिए अजय चौहान के नाम से NOC जरूरी थी। इसी का फायदा उठाते हुए संजय चौहान ने कथित रूप से अपने भाई के नाम का फर्जी लेटरपैड तैयार किया और उस पर उनके हस्ताक्षर कर दिए। पुलिस के अनुसार, इन दस्तावेजों का इस्तेमाल चौहान प्लाजा की दुकान नंबर 110 और 111 के सौदे में किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दुकानों की बिक्री के बदले संजय ने उससे अलग-अलग समय पर नकद और बैंक ट्रांजैक्शन के माध्यम से रकम ली।

दुकानों की बिक्री पर हाईकोर्ट की रोक का भी जिक्र

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों को खंगाला। जांच में यह जानकारी सामने आई कि इन दुकानों की खरीद-बिक्री पर 8 मार्च 2001 को बिलासपुर हाईकोर्ट की ओर से रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद पुलिस के मुताबिक, दुकान नंबर 110 और 111 के संबंध में 23 अक्टूबर 2019 को बिक्री किए जाने की जानकारी दस्तावेजों में सामने आई। इसी आधार पर पुलिस ने पूरे मामले में शिकायत और दस्तावेजों की जांच आगे बढ़ाई।

28 लाख रुपये लेने का आरोप

शिकायतकर्ता साजिद खान ने पुलिस को बताया कि दोनों दुकानों के सौदे के दौरान संजय चौहान ने उससे अलग-अलग किश्तों में रकम ली। इसमें नकद भुगतान के साथ बैंक के माध्यम से किए गए लेनदेन भी शामिल थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, कुल 28 लाख रुपये दिए गए। शिकायत और दस्तावेजों की जांच के बाद सुपेला पुलिस ने प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला पाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 468 के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने संजय चौहान को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

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