बिलासपुर। नए और जूनियर अधिवक्ताओं को शुरुआती दौर में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस केआर महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल को मासिक वृत्ति से संबंधित गाइडलाइन तैयार कर कोर्ट के समक्ष पेश करने के लिए एक महीने का समय दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान आर्थिक सहायता की व्यवस्था को लेकर सरकार और बार काउंसिल की ओर से अब तक हुई प्रक्रिया की जानकारी कोर्ट के सामने रखी गई। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि नए नामांकित वकीलों के लिए सहायता की व्यवस्था तय करने की दिशा में बार काउंसिल को अब गाइडलाइन का मसौदा तैयार करना होगा।
कैबिनेट में प्रस्ताव पर नहीं हो पाई थी चर्चा
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने सुनवाई के दौरान बताया कि नए नामांकित अधिवक्ताओं को वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव पर 30 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में चर्चा नहीं हो सकी थी। इस मुद्दे पर आगे विचार के लिए 27 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक का भी उल्लेख किया गया। वहीं, विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से 24 अक्टूबर को प्रस्तुत शपथपत्र को हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड में लिया।
फंड मिलने पर लागू होगी प्रस्तावित व्यवस्था
सुनवाई में यह सामने आया कि स्टेट बार काउंसिल ने अभी तक नए नामांकित वकीलों को आर्थिक सहायता देने के लिए औपचारिक ड्राफ्ट गाइडलाइन तैयार नहीं की है। बार काउंसिल की ओर से अधिवक्ता पलाश तिवारी ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार से फंड उपलब्ध होने पर सहायता देने की प्रक्रिया के लिए दिशा-निर्देश तैयार कर प्रस्तुत किए जाएंगे। बार काउंसिल ने गाइडलाइन तैयार करने के लिए एक महीने का समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब इस अवधि के भीतर ड्राफ्ट तैयार कर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है।
8 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 दिसंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। उस दिन बार काउंसिल की ओर से तैयार की जाने वाली गाइडलाइन और इस दिशा में हुई प्रगति पर आगे सुनवाई होगी।
