बिलासपुर। सिरगिट्टी दुष्कर्म मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लापरवाही और समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने एसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया है और मामले की जांच एएसपी रश्मित कौर चावला को सौंप दी है।
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सात वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आरोपित नाबालिग को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किए जाने के बावजूद अब पीड़ित परिवार ने पुलिस जांच पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों का आरोप है कि मामले की जांच में लापरवाही बरती गई और उन्हें न्याय दिलाने के बजाय समझौते का दबाव बनाया गया। शिकायत सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिरगिट्टी थाने में पदस्थ एसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच एएसपी रश्मित कौर चावला को सौंप दी गई है।

पुलिस जांच पर उठे सवाल
पीड़ित बच्ची की मां का कहना है कि दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में पुलिस को जिस संवेदनशीलता और तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए थी, वैसा नहीं हुआ। परिवार ने थाना प्रभारी अभय सिंह बैस, एसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी और जांच अधिकारी संतोषी अग्रवाल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई में देरी हुई और जांच प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण पहलुओं की अनदेखी की गई।
समझौते का दबाव बनाने का आरोप
मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि पीड़ित परिवार ने एसआई शीतला प्रसाद त्रिपाठी पर समझौता कराने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि दुष्कर्म जैसे संगीन अपराध में समझौते की बात करना ही न्याय प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
शिकायत मिलने के बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसआई को तत्काल लाइन अटैच कर दिया। एसएसपी का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब एएसपी करेंगी जांच
संवेदनशील मामले में बढ़ते विवाद के बीच अब जांच की जिम्मेदारी एएसपी रश्मित कौर चावला को दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच होगी। पीड़ित परिवार ने उम्मीद जताई है कि नई जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।