बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छह नाबालिगों की एक लापरवाही भरी हरकत ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को खतरे में डाल दिया। उसलापुर और घुटकू रेलवे स्टेशन के बीच लोखंडी फाटक के पास बने ब्रिज से बच्चों ने गुजरती मालगाड़ी पर साइकिल का टायर फेंक दिया। टायर सीधे इंजन की छत पर जा गिरा और ओवरहेड बिजली लाइन के संपर्क में आते ही उसमें आग लग गई। इंजन के ऊपर से तेज चिंगारियां निकलने लगीं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन रोक दी। उसकी सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना मंगलवार, 3 नवंबर की सुबह करीब 6 बजे की है। कटनी की ओर से बिलासपुर आ रही खाली मालगाड़ी लोखंडी फाटक के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान ब्रिज के ऊपर से फेंका गया साइकिल का टायर इंजन की छत पर जा गिरा। टायर पेंटोग्राफ और हाईटेंशन बिजली तारों के संपर्क में आया, जिससे जोरदार स्पार्क हुआ और उसमें आग लग गई। अचानक तेज आवाज और चिंगारियां देखकर लोको पायलट ने मालगाड़ी को रोक दिया। जांच के दौरान इंजन के ऊपर टायर का जला हुआ हिस्सा मिला। इसके बाद रेलवे कंट्रोल रूम को घटना की जानकारी दी गई।
CCTV फुटेज ने खोला मामला, छह नाबालिग पकड़ाए
घटना की जानकारी मिलते ही उसलापुर आरपीएफ पोस्ट की टीम और रेलवे के अधिकारी सक्रिय हो गए। मौके पर जांच के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली गई। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे कैमरों की फुटेज पाली स्थित मॉनिटरिंग सेंटर से देखी गई। जांच के दौरान छह नाबालिगों की पहचान हुई। बुधवार, 4 नवंबर को आरपीएफ ने सभी को पकड़कर पूछताछ की।
खाली वैगन में टायर डालने की थी योजना
पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे साइकिल के टायर का टुकड़ा मालगाड़ी के खाली वैगन में फेंकना चाहते थे। लेकिन निशाना चूकने के कारण टायर वैगन में जाने के बजाय इंजन की छत पर गिर गया। इसके बाद बिजली के तारों के संपर्क में आने से उसमें आग लग गई। सभी छह नाबालिग लोखंडी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
अंबिकापुर और अमरकंटक एक्सप्रेस भी हुईं प्रभावित
मालगाड़ी के अचानक रुकने से उसी रेल मार्ग पर पीछे से आ रही अंबिकापुर एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस को भी रोकना पड़ा। करीब आधे घंटे तक रेल परिचालन प्रभावित रहा। मालगाड़ी को आगे रवाना किए जाने और ट्रैक खाली होने के बाद दोनों यात्री ट्रेनों का संचालन फिर सामान्य हो सका।
एक छोटी हरकत से हो सकता था बड़ा हादसा
रेलवे की ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन में बेहद उच्च वोल्टेज का करंट प्रवाहित होता है। ऐसे में इंजन के ऊपर किसी वस्तु का गिरना आगजनी और गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता था। गनीमत रही कि लोको पायलट ने समय रहते ट्रेन रोक दी। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक, पुल और बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा नियमों के पालन तथा बच्चों को रेल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
