रायगढ़। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में अधेड़ महिला का जला हुआ शव मिलने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसके लिव-इन पार्टनर ने ही की थी। हत्या के बाद आरोपी ने पहचान छिपाने और सबूत नष्ट करने के लिए शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
17 जून को मिला था जला हुआ शव
17 जून को तमनार चौक से पूंजीपथरा जाने वाले पगडंडी मार्ग पर एक अधेड़ महिला का जला हुआ शव बरामद हुआ था। शव की पहचान नहीं होने के कारण पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की शिनाख्त और आरोपी तक पहुंचना था।

सोशल मीडिया अभियान से हुई पहचान
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया और क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में प्रसारित किए। इसी दौरान लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले एक व्यक्ति और उसके साथ रह रही महिला के कई दिनों से लापता होने की जानकारी मिली।
पुलिस द्वारा जारी तस्वीरें देखने के बाद जशपुर जिले के ग्राम बोरो से पहुंचे दो युवकों ने कपड़ों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर शव की पहचान अपनी मां मंगरिता एक्का (60) के रूप में की। परिजनों ने बताया कि मंगरिता पूंजीपथरा क्षेत्र में मजदूरी का काम करती थीं।
लिव-इन पार्टनर निकला हत्यारा
जांच के दौरान पुलिस ने संदेही इमिलीयूस तिग्गा की तलाश शुरू की और जशपुर जिले के फरसाबहार क्षेत्र से उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से तुमीडीह स्थित एनआर फेरो प्लांट में मजदूरी करता है। करीब तीन महीने पहले उसकी मुलाकात मां शिवा प्लांट में काम करने वाली मंगरिता एक्का से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और वे लक्ष्मी कॉलोनी में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगे।
शक बना हत्या की वजह
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मंगरिता उसे दूसरी महिला से संबंध रखने और दूसरी पत्नी होने के शक में अक्सर विवाद करती थी। घटना वाले दिन दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उसने महिला की साड़ी से गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव को सुनसान इलाके में ले गया और पहचान मिटाने के लिए उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, ताकि पुलिस और परिजन मृतका की पहचान न कर सकें।
तकनीकी जांच से सुलझा मामला
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सोशल मीडिया अभियान और गहन पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा किया। आरोपी को गिरफ्तार कर घटनास्थल ले जाकर साक्ष्य जुटाए गए। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।