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दुर्ग प्रशासन के फैसले पर चैंबर की आपत्ति: वीडियो कान्फ्रेंसिंग में बोले- बैंकिंग सेवाएं समेत होम डिलीवरी की सर्विस शुरू करें, आम लोगों की स्थिति हो रही खराब

दुर्ग प्रशासन के फैसले पर चैंबर की आपत्ति: वीडियो कान्फ्रेंसिंग में बोले- बैंकिंग सेवाएं समेत होम डिलीवरी की सर्विस शुरू करें, आम लोगों की स्थिति हो रही खराब  

April 19, 2021

भिलाई। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज की बैठक आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। जिसमें सभी सदस्यों ने मौजूदा हालात पर चर्चा करते हुये अपनी बात रखी। चेम्बर सदस्यों ने मुख्य रूप से बैंकिंग सेवायें शुरू करने की मांग रखी। सभी सदस्यों का कहना है कि बैंकिंग सेवायें बंद होने की वजह से व्यापारियों को अपने स्टाफ पेमेंट सहित अन्य प्रकार के लेनदेन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को बैंकिंग सेवायें शुरू करने आदेश जारी करना चाहिये।

इसके अतिरिक्त सभी व्यापारियों ने यह भी बात रखी कि लॉकडाउन होने की वजह से आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह से थम गई हैं, जिसका नुकसान हर वर्ग को उठाना पड़ रहा है।


यह भले ही जरूरी है लेकिन यह विकल्प नहीं है, ऐसे में प्रशासन को अन्य विकल्पों पर भी विचार करना चाहिये।

चेम्बर अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन एवं कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुये बताया कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिये विभिन्न जिलों में गत कुछ दिनों से लॉकडाउन लगाया गया। जिसमें सबसे पहले दुर्ग जिले में लॉकडाउन लगाया गया और इसे अब दो बार आगे बढ़ाया जा चुका है। इसी तरह अन्य जिलों में यह लॉकडाउन बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में लोगों के पास अब दैनिक जरूरतों की चीजों को लेकर हलाकान की स्थिति हो गयी है। इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को संवेदनशील होकर ठोस योजना बनाना चाहिये। साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित करना चाहिये कि धीरे- धीरे आर्थिक गतिविधियों को भी शुरू किया क्योंकि इस पर कई वर्गों का जीवनयापन निर्भर है।

चेम्बर ने कहा कि जिन परिस्थितियों में लॉकडाउन लगाया गया तब लोग पर्याप्त मात्रा में अपनी जरूरत के चीजें नहीं ले पाये और आज स्थिति खराब होती जा रही है। इसी तरह प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिये कि जहां लॉक़डाउन पहले लगाया गया वहां पहले रियायतें दी जायें, एक ही आदेश को सभी जिलों में लागू करना अनुचित है। इस पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिये।

इसी तारतम्य में अजय भसीन ने बताया की सब्जियां, फलों के थोक मार्केट को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि वेंडर के मार्फत घूम घूम कर मोहल्ले में फलों सब्जियों का विक्रय कर सके। प्रदेश में उपलब्ध होने वाले लगभग 90 प्रतिशत फल एवं लगभग 60 प्रतिशत से अधिक सब्जियां प्रदेश के बाहर से आते हैं।

ऐसे में यही थोक विक्रेताओं के पास सब्जी या फल नहीं मिलेंगे तो वह उपभोक्ताओं तक भी ठीक से नहीं पहुंच पाएंगी। इसी तरह किराना दुकानों सहित अन्य ट्रेडों के लिये भी होम डिलीवरी में सामान देने का आदेश लागू करना चाहिए ताकि सभी मोहल्ले में फिजिकल एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके। चेम्बर सदस्यों ने कहा कि होम डिलीवरी को लेकर प्रशासन द्वारा गाइडलाइन जारी की जानी चाहिये, इसमें चेम्बर पूर्ण रूप से अपना सहयोग देने के लिये तैयार है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रदेश महामंत्री अजय भसीन ने भी प्रदेश के व्यापारियों को संबोधित किया। श्री भसीन ने आने वाले समय मे सभी को वैक्सीन लगानेप्रेरित करने का जिम्मा सभी व्यापारियों को दिया। उन्होंने कहा कि अनलाक के बाद हम वैक्सीन लगवाने  में तेज गति लाने के लिए अपने ग्राहकों  को  प्रेरित करे। नई कार्यकारिणी की पहली जूम मीटिंग में छ. ग.चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सभी पदाधिकारियों ने भाग लिया।

इस जूम मीटिंग में रायपुर के अलावा दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, तिल्दा, भाटापारा, सकती, रायगढ़, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, महासमुंद, बेमेतरा सहित अन्य शहरों से पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।  बैठक में गारगी शंकर मिश्रा, प्रकाश साँखला, ज्ञानचंद जैन, प्रह्लाद रूंगटा, मो. हिरानी, अंकित जैन, मनोज बक्तानि ने भिलाई दुर्ग के विषय पर अपनी बात रखी।

सभी ने मुख्य रूप से व्यापार की परवाह किये बिना व्यापारियों के स्वास्थ्य की चिंता पर बल दिया।होम डिलीवरी का नेटवर्क बनाने की बात पर जोर दिया गया। जूम मीटिंग का सफल संचालन श्री संजय चौबे ने किया। प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सूचना जनसम्पर्क अधिकारी शंकर सचदेव ने दी।



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