बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में कांस्टेबल भर्ती मामले में अभ्यर्थियों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज करते हुए वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग का रास्ता साफ कर दिया है। इस आदेश से 400 से अधिक अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वेटिंग लिस्ट में शामिल पात्र अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। कोर्ट ने तीन महीने के भीतर ज्वाइनिंग कराने का आदेश दिया है। इससे लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों में राहत और खुशी का माहौल है।

2017 की भर्ती से जुड़ा है मामला
यह विवाद वर्ष 2017 में जारी 2259 कांस्टेबल पदों की भर्ती से संबंधित है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिक्त पदों और प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर विवाद सामने आया था। प्रभावित अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्ति की मांग को लेकर न्यायिक लड़ाई लड़ रहे थे।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। अब शीर्ष अदालत द्वारा एसएलपी खारिज किए जाने के बाद प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों के मामले में आगे की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले सुरक्षित रखे थे 47 पद
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 के अपने आदेश में 47 सफल अभ्यर्थियों से जुड़े पदों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था। इसके बाद मामले की आगे सुनवाई हुई और अब राज्य सरकार की एसएलपी खारिज कर दी गई है।
सुनवाई में ये अधिवक्ता रहे मौजूद
मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना अली उपस्थित रहीं। हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुचि नागर और एओआर देवाशीष तिवारी के माध्यम से पक्ष रखा गया। वहीं छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. नटराज उपस्थित हुए।