रायपुर | छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश के किसानों को होली का बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि धान के समर्थन मूल्य के अंतर की राशि का भुगतान होली से पहले एकमुश्त कर दिया जाएगा।

सीधे खातों में आएंगे ₹10,000 करोड़
राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के 25 लाख से अधिक किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। सरकार धान का अंतर मूल्य यानी ₹3100 प्रति क्विंटल के मान से शेष राशि का भुगतान करेगी।
- कुल राशि: लगभग ₹10,000 करोड़।
- लाभार्थी: 25 लाख 24 हजार 339 किसान।
- भुगतान का तरीका: DBT के माध्यम से सीधे बैंक खातों में।
“अन्नदाता का मान, हमारी पहचान” — मुख्यमंत्री साय
बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “प्रदेश के अन्नदाता भाइयों-बहनों की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। हमारी सरकार केवल धान खरीदी नहीं करती, बल्कि किसानों के परिश्रम का उचित मूल्य और सम्मान सुनिश्चित करना अपना दायित्व मानती है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि इस राशि से किसानों की होली का उत्साह दोगुना हो जाएगा।
आंकड़ों में किसानों की समृद्धि
छत्तीसगढ़ में ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत किसानों को लगातार आर्थिक संबल दिया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत बीते दो वर्षों में किसानों को धान मूल्य अंतर की राशि के रूप में ₹25,000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। होली से पूर्व किसानों के खाते में ₹10,000 करोड़ के भुगतान के साथ यह राशि बढ़कर ₹35,000 करोड़ से अधिक हो जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान प्रदेश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। उनकी मेहनत और पसीने से ही राज्य की समृद्धि सुनिश्चित होती है। राज्य सरकार किसानों की खुशहाली, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।