रायपुर/दुर्ग: “शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रभावना का विकास करना है।” यह बात छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे।

दुर्ग जिले को मिलीं 4 बड़ी सौगातें
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा और खेल जगत से जुड़ी चार अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- NEET-JEE हॉस्टल: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास।
- आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन: शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, DEO और BEO कार्यालयों के लिए नया भवन।
- आधुनिक ऑडिटोरियम: दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम का निर्माण।
- खेल अधोसंरचना: खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक।
बच्चों का आत्मीय स्वागत और साइकिल वितरण
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान CM साय ने स्कूल में पहली बार कदम रखने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया। इसके साथ ही उन्होंने कक्षा 1वीं, 6वीं और 9वीं के छात्रों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल बैग व गणवेश बांटे। कक्षा 9वीं की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हुए साइकिलें भी प्रदान की गईं।
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती:
मुख्यमंत्री ने ‘राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26’ में राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. पायल रजनी, सातवां स्थान प्राप्त करने वाले नैतिक आमटे और दसवां स्थान प्राप्त करने वाली कु. श्रद्धा इंदौरिया को मंच पर सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।
शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार
CM साय ने कहा कि सरकार ने युक्तियुक्तकरण (Rationalization) के जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया है, जिससे आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में भी एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज और 24 नालंदा परिसर संचालित हैं।
‘एक पेड़ माँ के नाम’ और न्योता भोज
इस खास मौके पर मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत कटहल, सिंदूरी और मौलश्री के पौधे लगाए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर ‘न्योता भोज’ का आनंद लिया और बच्चों से उनके भविष्य के सपनों पर बातचीत की।
निजी स्कूलों की तर्ज पर चल रही तैयारी: शिक्षा मंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि सरकार का लक्ष्य आगामी वर्षों में सत्र के पहले ही दिन सभी बच्चों तक किताबें और यूनिफॉर्म पहुंचाना है। इसके साथ ही बालिकाओं के लिए 8 हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण और स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पालक और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।