रायपुर, 16 जुलाई 2026। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ (PMMVY) के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस बड़ी सफलता की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में पारदर्शी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली, सरकार की सतत निगरानी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पित प्रयासों से लाखों माताओं तक आर्थिक सहायता सीधे पहुंचाई जा रही है।

आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की सफलता: ₹558.93 करोड़ ट्रांसफर
- कुल पंजीकृत हितग्राही: प्रदेश में अब तक 14 लाख 49 हजार 309 पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का सफल पंजीयन किया जा चुका है।
- सीधे खातों में पहुंची राशि: बिना किसी बिचौलिये के इन सभी पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से 558.93 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
इंटरनेशनल केस स्टडी में तारीफ:
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बताया कि यह योजना दुनिया की सबसे बड़ी डीबीटी आधारित मातृत्व सहायता योजनाओं में से एक है। एक अंतरराष्ट्रीय संस्था की केस स्टडी के अनुसार, इस योजना के कारण राज्य में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है और नवजात शिशुओं के पोषण में सुधार हुआ है।

सावधान! योजना के नाम पर हो रही है साइबर ठगी, मंत्री की अपील
योजना की इस बड़ी सफलता के बीच विभागीय मंत्री ने प्रदेशवासियों को साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की कड़ी चेतावनी दी है। कुछ जिलों से शिकायतें मिली हैं कि ठग इस योजना के नाम पर फर्जी फोन कॉल कर महिलाओं को अपना शिकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर ठगों से बचने के लिए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की अहम सलाह:
- ओटीपी (OTP) न बताएं: यदि कोई अज्ञात व्यक्ति योजना का हवाला देकर फोन करे और ओटीपी या बैंक खाते की जानकारी मांगे, तो बिल्कुल न दें।
- पैसों की मांग पर रहें सतर्क: योजना के तहत किसी भी प्रक्रिया के लिए कोई राशि नहीं मांगी जाती, इसलिए पैसों की मांग करने वालों की बातों में न आएं।
- शिकायत और संपर्क: किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की स्थिति में तत्काल अपनी निकटतम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पर्यवेक्षक या संबंधित विभाग से संपर्क करें।

गांव-गांव में चलाया जाएगा जागरूकता अभियान
महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हितग्राहियों को न सिर्फ योजना की सही जानकारी दी जाएगी, बल्कि उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया जाएगा ताकि कोई भी महिला इस डिजिटल ठगी का शिकार न बने।

