रायपुर | 12 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ ने महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर इतिहास रच दिया है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़, देश के तमाम बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए नंबर-1 पायदान पर पहुंच गया है। फरवरी 2026 की राष्ट्रीय रैंकिंग में मिली इस सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की जनता और विभागीय अमले को बधाई दी है।

छह पायदानों की लंबी छलांग: आंकड़ों में छत्तीसगढ़ का दबदबा
छत्तीसगढ़ ने पिछले महीने की तुलना में 6 स्थानों का सुधार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया है। राज्य के इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सटीक रणनीति और मैदानी अमले की मेहनत रही है:
| मानक (Criteria) | उपलब्धि (%) |
| कुल नामांकन (Enrollment) | 93.37% |
| त्वरित शिकायत निवारण | 93.95% |
| आवेदन स्वीकृति दर | 83.87% |
| लंबित प्रकरण (30 दिन से अधिक) | मात्र 7.07% |
मुख्यमंत्री साय ने थपथपाई मैदानी अमले की पीठ
इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा:
“छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंच रही हैं। सुरक्षित मातृत्व की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है।”
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का विजन: “हर पात्र महिला तक पहुंचे लाभ”
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इसे ‘टीम छत्तीसगढ़’ की जीत बताया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक:
- 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है।
- 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर की गई है।
क्यों खास है यह योजना?
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य जांच के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल मातृ-मृत्यु दर में कमी आएगी, बल्कि कुपोषण के खिलाफ जंग में भी मजबूती मिलेगी।