भिलाई CISF भर्ती में रैकेट का एक्सपोज: दुर्ग पुलिस ने उत्तरप्रदेश के 6 लड़कों को किया गिरफ्तार…दस्तावेज से लेकर हर चीज फर्जी, कैंडिडेट्स तक बदल देते थे, पढ़िए कैसे ऑपरेट होता था ये रैकेट

भिलाई। सीआईएसएफ की भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा करने वाले थे आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 419, 420, 467, 468, 120बी के तहत अपराध कायम किया गया है। घटना का खुलासा करते हुए एसपी दुर्ग डॉक्टर अभिषेक पल्लव ने बताया कि निरीक्षक कार्य लोकेश कुमार कुर्रे CISFk 3rd RES.k BN उतई निवासी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल आर टी सी भिलाई में भर्ती बोर्ड आरक्षक जीडी 2021 की परीक्षा दौरान 18 मई 22 dks PST-PEt~ टेस्ट के लिए अभ्यार्थीयों का बायोमेट्रीक टेस्ट (जीवमितिक जांच) कराया गया।

इस दौरान आर.आर.सी.के.रि.पु.ब. भोपाल द्वारा उपलब्ध कराये गये फिंगर प्रिंट, फोटो नहीं मिलने पर भर्ती बोर्ड को धोखा देकर चयन प्रक्रिया में शामिल होने की रिपोर्ट तैयार किया गया। घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच में गणेश कालोनी आगरा थाना ताज गंज जिला आगरा यूपी निवासी चन्द्रशेखर भवर 20 वर्ष, उमरायपुरा थाना पिठोरा जिला आगरा यूपी श्याम वीर सिंह निषाद 20 वर्ष, रामपुर थाना निवोहरा जिला आगरा यूपी महेन्द्र सिंह 19 वर्ष,ग्राम ऐतमापुर अजनेरा थाना समसाबाद जिला आगरा अजित सिंह 19 वर्ष,खान्द कपरा थाना अम्बा जिला मुरेना एमपी दुर्गेश सिंह तोमर, रामनरी थाना फिडोरा जिला आगरा हरीओम 25 वर्ष को संदेह होने पर हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पुलिस को बताया कि इस बड़े फर्जीवाड़े का सूत्रधार मुख्य आरोपी दुर्गेश सिंह तोमर उर्फ ब्रिजेश उर्फ झाड़ी और हरीओम है।

आरोपियों ने बताया कि सीआईएसएफ भर्ती कराने के लिये प्रत्येक अभ्यर्थी से 5-5 लाख रूपये में नौकरी लगाने के नाम पर लिया था। फर्जी दस्तावेज तैयार कर अलग अलग व्यक्तियों को परीक्षा के विभिन्न पायदानों में उपस्थित रखकर शासन को धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। अभ्यर्थियों को आगरा से किराये के बोलेरो में लेकर आने की बात पुलिस को आरोपियो ने बताया है।

आरोपियों के पास से स्वयं को छग स्थायी निवासी बताने के लिये बनाये गये फर्जी स्थायी निवासी, आधार कार्ड आरोपियों से बरामद कर जप्त किया गया। आरोपियों द्वारा अपराध घटित करना स्वीकार करने से विधिवत गिरफ्तार कर आरोपियों के कब्जे से फर्जी दस्तावेजों को जप्त कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।

इनका रहा अहम योगदान
इस कार्रवाई में एएसपी ग्रामीण अनन्त साहू, एसडीओपी देवांष सिंह राठौर, थाना प्रभारी निरीक्षक नवी मोनिका पाण्डेय, उपनिरीक्षक के.एल. गौर, सउनि राजकुमार देशमुख, चंद्रशेखर सोनी, आरक्षक सुरेन्द्र सिंह चैहान, आकाश तिवारी, महेश देवांगन, दुष्यंत लहरे, मुकेश यादव, अमर नायक, विजय कुर्रे का बड़ा योगदान रहा है।

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