CG: छोटे भाई को बचाने पहुंचे कॉलेज छात्र की गला रेतकर हत्या, चापड़ से किया हमला; 5 आरोपी हिरासत में

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बिलासपुर: न्यायधानी के सरकंडा थाना क्षेत्र में शनिवार रात दिल दहला देने वाली वारदात हुई है। अपने छोटे भाई को मारपीट से बचाने पहुंचे एक 22 वर्षीय युवक की बदमाशों ने चापड़ से गला रेतकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान अभिषेक यादव के रूप में हुई है, जो बीए सेकंड ईयर का छात्र था। इस घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश है और ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर दिया।

बीच-बचाव करने पर हुआ जानलेवा हमला

घटना मोपका गुड़ी मोहल्ले की है। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक अभिषेक यादव का चचेरा भाई ओमप्रकाश यादव (16) शनिवार रात करीब 10:30 बजे मोपका चौक के पास था। वहां कुछ युवकों के साथ उसका किसी बात पर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि करीब 5 युवकों ने ओमप्रकाश को घेरकर पीटना शुरू कर दिया।

जब अभिषेक को इसकी जानकारी मिली, तो वह अपने भाई को बचाने मौके पर पहुंचा। बीच-बचाव के दौरान आरोपियों ने अभिषेक पर हमला कर दिया और एक युवक ने पास रखे चापड़ से उसके गले पर जोरदार वार किया। हमले के बाद अभिषेक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस चौकी तक जान बचाकर भागा छोटा भाई

हमला इतना खौफनाक था कि आरोपी अभिषेक की हत्या करने के बाद ओमप्रकाश के पीछे भी दौड़े। ओमप्रकाश ने भागकर पास की पुलिस चौकी में घुसकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद परिजन तुरंत अभिषेक को अपोलो अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


थाने का घेराव और भारी आक्रोश

छात्र की हत्या की खबर फैलते ही मोपका क्षेत्र के 50-60 ग्रामीण और परिजन सरकंडा थाने पहुंच गए। लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर थाने का घेराव कर दिया। स्थिति को देखते हुए एएसपी और सीएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया।

5 संदिग्ध हिरासत में

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हमले में शामिल 5 युवकों को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए सभी युवक सीपत क्षेत्र के सेलर गांव के रहने वाले हैं।

सरकंडा थाना टीआई प्रदीप आर्या ने बताया कि:

“विवाद के दौरान बीच-बचाव करने आए कॉलेज छात्र की हत्या की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल तैनात है।”

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असल वजह क्या थी और क्या आरोपियों का पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

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