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मरवाही की तरह खैरागढ़ का उप-चुनाव लड़ेगी कांग्रेस: चुनाव समिति की बैठक में कई फैसले…BJP के बाद कांग्रेस घोषित कर सकती है प्रत्याशी, देवव्रत की पहली पत्नी पद्मा सिंह समेत 20 से ज्यादा ने मांगे टिकट

मरवाही की तरह खैरागढ़ का उप-चुनाव लड़ेगी कांग्रेस: चुनाव समिति की बैठक में कई फैसले…BJP के बाद कांग्रेस घोषित कर सकती है प्रत्याशी, देवव्रत की पहली पत्नी पद्मा सिंह समेत 20 से ज्यादा ने मांगे टिकट

भिलाई। खैरागढ़ विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस मरवाही सीट की तरह लड़ेगी। जिस तरीके से मरवाही में कांग्रेस संगठन के नेता जुट गए थे। उसी तरह खैरागढ़ के चुनाव में भी जुटेंगे और कांग्रेस को जिताने के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी में खैरागढ़ चुनाव समिति की बैठक हुई। इस बैठक में छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया, सीएम भूपेश बघेल और पीसीसी चीफ मोहन मरकाम की मौजूदगी में खैरागढ़ उपचुनाव को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में सभी दावेदारों के नामों को रखा गया। पता चला है कि कुल 23 आवेदन मिले हैं। जो चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं, जिन्होंने टिकट मांगी है। इनमें दिवंगत विधायक देवव्रत सिंह की पहली पत्नी पद्मा सिंह भी शामिल हैं। उनके अलावा अलग-अलग नेता हैं, जो चाहते हैं कि उपचुनाव में उन्हें प्रत्याशी बनाया जाए। 22 से 23 मार्च तक खैरागढ़ के लिए प्रत्याशी के नाम का ऐलान कांग्रेस कर देगी।

बताया जा रहा है कि 31 हजार वोटर लोधी, 21 हजार साहू और 12 हजार के आसपास सतनामी वोटर्स हैं। इनकी बाहुल्यता को ध्यान में रखते हुए पार्टी विचार कर रही है। लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार जातिगत फैक्टर के साथ-साथ जिताऊ कैंडिडेट भी महत्वपूर्ण होगा। चर्चा यह भी है कि पद्मा सिंह के खिलाफ विभा सिंह द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद दावेदारी कमजोर पड़ गई है।

अब देखने वाली बात यह है कि पार्टी पद्मा सिंह के नाम को लेकर क्या रणनीति बनाती है। वहीं जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष नवाज खान की पसंद को तवज्जों मिल सकती है। माना जा रहा है कि नवाज की ओर से उत्तम सिंह ठाकुर का नाम आगे किया गया है। इसके अलावा पूर्व विधायक गिरवर जंघेल का नाम भी दावेदारों की सूची में है।

इन नेताओं की मौजूदगी में हुई बैठक…
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बताया कि, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के छत्तीसगढ़ प्रभारी पी.एल. पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, मंत्री टी.एस. सिंहदेव, मंत्री ताम्रध्वज साहू, जिला प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत, मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री मो. अकबर, मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया,

कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रभारी महामंत्री प्रशासन रवि घोष, प्रभारी महामंत्री संगठन चंद्रशेखर शुक्ला, पूर्व सांसद प्रत्याशी भोलाराम साहू, जिला प्रभारी, महामंत्री अरूण सिंह सिसोदिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष पदम कोठारी, प्रदेश कांग्रेस सेवादल मुख्य संगठक अरूण ताम्रकार, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष पूर्णचंद पाढ़ी, प्रदेश एनएसयुआई अध्यक्ष नीरज पाण्डेय खैरागढ़ विधानसभ उपचुनाव 2022 हेतु कांग्रेस की चुनाव समिति के सदस्य है।

खैरागढ़ से टिकट के लिए इनकी दावेदारी प्रमुख…
– कांग्रेस: स्व. देवव्रत सिंह के पूर्व पत्नी पद्मादेवी ने टिकट मांग रही हैं। दूसरी पत्नी विभा सिंह के खिलाफ खुलकर मुहखर हुई थी। तभी से कयास लगाए जा रहे थे। अभी खैरागढ़ में रह रही हैं। उनके अलावा पूर्व विधायक गिरवर जंघेल ने दावेदारी की है। पिछला चुनाव हार गए थे। तीसरे नंबर पर आए थे।

दावेदारों की लिस्ट में प्रोफेश्नल कांग्रेस के अध्यक्ष उत्तम ठाकुर का भी नाम है। ब्लॉक अध्यक्ष यशोदा वर्मा ने भी टिकट के लिए दावेदारी कर दी है। पूर्व प्रत्याशी मोतीराम जंघेल, सूर्यकांत तिवारी, मिहीर झा, जिला पंचायत सदस्य निर्मला विजय वर्मा ने भी टिकट मांगी है। जिला पंचायत सदस्य ममता राजेशपाल ने चुनाव के लिए दावेदारी की है। इसके अलावा कांग्रेस जिला महासचिव रणजीत सिंह चंदेल और विक्रांत से चुनाव हारने वाली दशमथ जंघेल की दावेदारी है।

– भाजपा: उप चुनाव के लिए भाजपा से टिकट मांगने वालों की लिस्ट में पहले नंबर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह हैं। विक्रांत सिंह के नाम की चर्चा काफी पहले से हो रही है। विक्रांत पूर्व सीएम रमन सिंह के भांजे हैं। उनके अलावा पूर्व संसदीय सचिव कोमल जंघेल की भी दावेदारी हैं। जो लगातार दो चुनाव हार चुके हैं। इसके अलावा गंडई इलाके से खंभन ताम्रकार और छुईखदान इलाके से आने वाली लोकेश्वरी जंघेल का नाम दावेदारों की सूची में है।

चुनाव शेड्यूल पर एक नजर…
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक उप चुनाव की प्रक्रिया 17 मार्च को अधिसूचना के प्रकाशन से शुरू हो जाएगा। उसी दिन से नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। नामांकन की आखिरी तारीख 24 मार्च निर्धारित की गई है। 25 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 28 मार्च तक प्रत्याशियों को अपने नाम वापस लेने का मौका दिया जाएगा।

उसके बाद वैध प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया जाएगा। खैरागढ़ सीट पर मतदान 12 अप्रैल को होना है। 16 अप्रैल को मतगणना और परिणाम जारी होंगे। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के देवव्रत सिंह ने इस सीट पर भाजपा की कोमल जंघेल को केवल 870 वोटों के अंतर से हराया था। नवम्बर 2021 में देवव्रत सिंह का निधन हो गया। इसके बाद से यह सीट खाली है।

291 मतदान केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट
छत्तीसगढ़ की अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शिखा राजपूत तिवारी ने बताया, खैरागढ़ उप चुनाव के लिए 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 54 मतदान केंद्र अति संवेदनशील हैं। जिले में मतदान की पूरी तैयारी कर ली गई है। कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर भी सुविधा जुटाई गई है।

भाजपा ने बनाई पर्यवेक्षकों की समिति
इधर भाजपा में जिताऊ उम्मीदवार की तलाश तेज हो गई है। भाजपा ने इसके लिए पर्यवेक्षक समिति बनाई है। इसमें विधायक शिवरतन शर्मा, सौरभ सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष मोतीलाल साहू और पूर्व मंत्री केदार कश्यप को रखा गया है। समिति के सदस्य सोमवार को खैरागढ़ गए थे। वहां उन्होंने स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं से शुरुआती बातचीत कर दावेदारों के नाम टटोले हैं।

होली बाद ही कोई फैसला
संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, फिलहाल क्षेत्र में विभिन्न तरीकों से संवाद का काम चल रहा है। पार्टी का आंतरिक सर्वे भी हो चुका है। अभी बहुत जल्दी नहीं है। जल्दी ही चुनाव समिति घोषित होगी। होली के बाद बैठकर उम्मीदवार के नाम पर फैसला ले लिया जाएगा। उम्मीदवार की घोषणा राष्ट्रीय नेतृत्व की सहमति से ही होना है।

अलग जिले का मुद्दा उठाएगी जकांछ
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अमित जोगी ने मंगलवार को पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ली है। तय हुआ कि उप चुनाव में पार्टी खैरागढ़ को अलग जिला घोषित करने की मांग को मुद्दा बनाएगी। इस एक एजेंडे को प्रमुखता से लेकर पार्टी जनता के बीच जाने की तैयारी में है। अमित जोगी ने बताया, खैरागढ़ की स्थानीय इकाई से दावेदारों के नाम मांगे गए हैं। वह नाम आ जाएं तो संसदीय बोर्ड चर्चा कर किसी एक को उम्मीदवार घोषित करेगा। जोगी ने कहा, उनकी पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनाव में उतर रही है।

पिछली बार जकांछ के कब्जे में थी सीट
2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के देवव्रत सिंह ने इस सीट पर भाजपा की कोमल जंघेल को केवल 870 वोटों के अंतर से हराया था। नवम्बर 2021 में देवव्रत सिंह का निधन हो गया। इसके बाद से यह सीट खाली है। 2013 में कांग्रेस के गिरवर जंघेल यहां से विधायक थे। 2007 के उपचुनाव और 2008 के आम चुनाव में भाजपा के कोमल जंघेल ने यह सीट जीती। इससे पहले कांग्रेस के देवव्रत सिंह यहां से विधायक हुआ करते थे।


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