CG – बेटे की चाह में कांस्टेबल हो गया सस्पेंड: तीन बेटियों के बावजूद बेटे की चाहत में चौथी बार पत्नी हुई गर्भवती, जब आरक्षक ने पत्नी की डिलीवरी करवाने मांगी छुट्टी, फिर…

तीन बेटियों के बावजूद बेटे की चाहत में चौथी बार पत्नी हुई गर्भवती

बालोद: छत्तीसगढ़ के 14वीं वाहनी सशक्त बल बालोद के एक आरक्षक को इसलिए निलंबित कर दिया गया है कि उसके दो से अधिक जीवित बच्चे हैं. सशक्त बल के सेनानी ने इसे अनुशासनहीनता और अशोभनीय कृत्य करार देते हुए यह कार्रवाई की है. कहा है कि जवान को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. इस संबंध में उन्होंने जवान प्रहलाद सिंह के नाम आदेश पत्र भी जारी किया है. आरोप है कि उत्तर प्रदेश में मथुरा के रहने वाले जवान प्रहलाद को तीन बच्चे पहले से हैं और वह चौथे बच्चे की डिलीवरी के लिए सेनानी कार्यालय में छुट्टी का आवेदन लेकर पहुंचे थे.

मामला छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ग्राम धनोरा स्थित 14वीं वाहनी छत्तीसगढ़ सशक्त बल का है. सशक्त बल के सेनानी डीआर आचला ने जारी आदेश पत्र में कहा है कि सीआईएसओ कोर्स राजनांदगांव में पूर्ण करने के बाद आरोपी आरक्षक प्रहलाद ने 14 जून से 21 जून 2023 तक कोर्स ब्रेक उपभोग के बावजूद अपनी आमद नहीं दर्ज कराई. इसकी वजह से 6 जून को उसका वेतन रोकने का आदेश जारी किया गया था. अब 23 जून को वह अपना वेतन चालू कराने एवं पत्नी की डिलीवरी के लिए 8 दिन की छुट्टी मांगने के लिए कार्यालय में हाजिर हुआ तो उससे पूछताछ की गई.

निलंबन पत्र
इसमें पता चला कि आरक्षक प्रहलाद को पहले से तीन बेटियां जीवित हैं और बेटे की चाहत में वह चौथा बच्चा पैदा करना चाह रहा है. आरक्षक प्रहलाद ने बताया कि उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती है और उसकी डिलीवरी कराई जानी है. चूंकि शासकीय कर्मचारी होने के नाते दो से अधिक बच्चा पैदा करना अनुशासनहीनता है. ऐसे में यह कार्रवाई की गई है. उन्होंने आरक्षक प्रहलाद ने एक शासकीय कर्मचारी होकर भी लड़के की चाह में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति का घोर उल्लंघन किया है. इसलिए भी उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3.1 तीन, 3 क, ख, ग एवं 3 ख, क के उल्लंघन का दोषी पाया गया है.

दरअसल आरक्षक भर्ती आवेदन पत्र वर्ष 2010 के नियमानुसार दो से अधिक जीवित संतान नहीं होने चाहिए. इसलिए इस आरक्षक को अशोभनीय कृत्य का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि निलंबन अवधि में आरक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. सेनानी डीआर आचला के मुताबिक निलंबित आरक्षक 458 प्रह्लाद सिंह उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले में मांट तहसील के ग्राम नगला सीताराम का रहने वाला है.

वह यहां धमतरी जिले के नगरी स्थित कैम्प की इकाई डी समवाय में पदस्थ था. उसकी भर्ती सशक्त बल में बतौर आरक्षक 2010-11 में हुई थी. उस समय आरक्षक भर्ती के आवेदन पत्र में साफ तौर पर कहा गया था कि दो से अधिक जीवित संतान नहीं होने चाहिए. बावजूद इसके आरक्षक ने नियमों का उल्लंघन करते हुए ना केवल चौथे बच्चे की तैयारी कर ली, बल्कि बेटे की चाहत में लगातार बच्चे पैदा कर राष्ट्रीय जनसंख्या कानून का भी उल्लंघन किया है.

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