भिलाई। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) में शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पीएचडी शोधार्थियों से फीस के नाम पर लाखों रुपये डकारने वाले विश्वविद्यालय के कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद को नेवई पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर पद का दुरुपयोग कर 9 लाख 44 हजार 500 रुपये के गबन का आरोप है।
फर्जी रसीदें थमाकर वसूले प्रति छात्र 30 हजार
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:
- मोडस ऑपरेंडी: आरोपी सुनील कुमार प्रसाद शोधार्थियों से पीएचडी जमा करने की फीस के नाम पर प्रति छात्र 30,000 रुपये नकद लेता था।
- धोखाधड़ी: छात्रों को विश्वास में लेने के लिए वह उन्हें विश्वविद्यालय के नाम की फर्जी रसीदें थमा देता था, जिससे छात्रों को लगता था कि उनकी फीस जमा हो गई है, जबकि पैसा आरोपी की जेब में जा रहा था।
जांच रिपोर्ट ने खोली पोल
जब फीस वसूली में अनियमितता की शिकायतें बढ़ीं, तो विश्वविद्यालय स्तर पर जांच बैठाई गई। समिति ने पाया कि आरोपी ने लंबे समय से इस गड़बड़ी को अंजाम दिया, जिससे गबन की कुल राशि करीब साढ़े नौ लाख रुपये तक पहुंच गई। नेवई पुलिस ने शिकायत के आधार पर 9 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार किया।
जांच के घेरे में अन्य ‘बड़े नाम’
पुलिस की पूछताछ में इस मामले ने और भी गंभीर मोड़ ले लिया है। गिरफ्तार आरोपी सुनील कुमार प्रसाद (38 वर्ष) ने अपने बयान में विश्वविद्यालय के कुछ तत्कालीन अधिकारियों की संलिप्तता की ओर भी इशारा किया है।
“मामले की विवेचना जारी है। आरोपी के बयान और जब्त दस्तावेजों के आधार पर अन्य संदिग्ध अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस घोटाले में आगे कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।” — नेवई पुलिस प्रशासन
जब्त किए गए दस्तावेज
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी शुल्क रसीदें, नकद लेनदेन के रजिस्टर और कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी वर्तमान में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है।
मुख्य बिंदु:
- आरोपी: सुनील कुमार प्रसाद (कनिष्ठ सलाहकार, पीएचडी शाखा)।
- धाराएं: धोखाधड़ी और गबन की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज।
- कुल गबन: ₹9,44,500 की प्रारंभिक पुष्टि।

