धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पेट्रोल पंप परिसर में आगजनी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में घटना के पीछे जो वजह सामने आई, वह चौंकाने वाली है। आरोपी एक बच्ची की मौत से बेहद आक्रोशित था और उसकी मौत के लिए पेट्रोल पंप प्रबंधन को जिम्मेदार मान रहा था। इसी गुस्से में उसने पेट्रोल पंप परिसर में आग लगाने की कोशिश की और वहां खड़ी दो बाइकों को आग के हवाले कर दिया।
आधी रात पेट्रोल पंप पहुंचा आरोपी
मामला मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम मेघा स्थित मातारानी पेट्रोल पंप का है। पुलिस के मुताबिक वार्ड क्रमांक-1 मेघा निवासी जीवन निषाद (47) ने 1 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे पेट्रोल पंप परिसर में पहुंचकर हंगामा किया। उसने गाली-गलौज करते हुए पहले पेट्रोल नोजल में आग लगाने की कोशिश की, लेकिन इसमें कामयाब नहीं हो सका। इसके बाद आरोपी ने पेट्रोल पंप परिसर में खड़ी दो बाइकों पर माचिस की तीली लगाकर आग लगा दी और मौके से भाग निकला।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश के बाद गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलने के बाद मगरलोड पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसकी तलाश तेज की और उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में थाना मगरलोड में अपराध क्रमांक 194/2026 के तहत BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के पास से आगजनी में इस्तेमाल की गई माचिस और घटना के दौरान पहने गए कपड़े भी बरामद किए हैं।
बच्ची की मौत ने आरोपी को किया आक्रोशित
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि 26 सितंबर को पेट्रोल पंप के सामने मौजूद खुले नाले में एक बच्ची गिर गई थी। उस दौरान महानदी में बाढ़ का पानी होने के कारण बच्ची बह गई और उसकी मौत हो गई। आरोपी के अनुसार, वह बच्ची को अपनी बेटी की तरह मानता था। बच्ची की मौत से वह बेहद दुखी और गुस्से में था। उसका आरोप था कि पेट्रोल पंप परिसर के सामने खुले नाले की वजह से यह हादसा हुआ और इसके लिए वह पेट्रोल पंप प्रबंधन को जिम्मेदार मानता था। इसी आक्रोश में उसने पेट्रोल पंप में आग लगाने का प्रयास किया।
आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
मगरलोड पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी घटना या दुर्घटना को लेकर आक्रोशित होकर कानून अपने हाथ में न लें। शिकायत या विवाद की स्थिति में पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

