कम टैक्स के चक्कर में न भरें गलत ITR: भिलाई CA ब्रांच के पूर्व चेयरमैन पीयूष जैन ने दी सलाह

भिलाई। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय केवल टैक्स कम करने पर ध्यान देना भविष्य में भारी पड़ सकता है। अधूरी जानकारी और गलत सलाह के आधार पर भरा गया रिटर्न बाद में नोटिस, ब्याज, पेनाल्टी और लंबे कर-विवाद की वजह बन सकता है। इसलिए करदाताओं को ऐसा रिटर्न दाखिल करना चाहिए, जिसकी प्रत्येक जानकारी को तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर वर्षों बाद भी समझाया जा सके।

यह बात भिलाई सीए ब्रांच के पूर्व चेयरमैन एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए पीयूष जैन ने कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयकर रिटर्न अब केवल सालभर की आय बताने वाला फॉर्म नहीं है, बल्कि यह करदाता की पूरी वित्तीय स्थिति और विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बन चुका है।

PAN, AIS और बैंकिंग डेटा से मिलान जरूरी

सीए पीयूष जैन ने बताया कि वर्तमान में आयकर विभाग को PAN, Aadhaar, AIS, Form 26AS, TDS, TCS, बैंकिंग प्रणाली, प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और म्यूचुअल फंड जैसी रिपोर्टिंग संस्थाओं से वित्तीय लेन-देन की पूरी जानकारी मिलती रहती है। यदि कोई लेन-देन वर्तमान AIS में दिखाई नहीं दे रहा है, तो इसका अर्थ यह नहीं है कि उसकी जानकारी भविष्य में विभाग तक नहीं पहुंचेगी।

44AD और 44ADA वाले कारोबारी व प्रोफेशनल्स बरतें सावधानी

  • व्यापारियों के लिए (Section 44AD): केवल टर्नओवर पर 6 या 8 प्रतिशत लाभ दिखाकर रिटर्न दाखिल कर देना पर्याप्त नहीं है। बैंक क्रेडिट, UPI प्राप्तियों, नकद जमा और GST टर्नओवर का मिलान आवश्यक है।
  • डॉक्टर्स व प्रोफेशनल्स (Section 44ADA): 50 प्रतिशत आय घोषित करने के साथ-साथ यह भी देखना होगा कि यदि उसी वर्ष बड़ा निवेश किया गया है, तो उसके स्रोत का स्पष्ट विवरण और रिकॉर्ड उपलब्ध हो।

“कृषि आय खेत देखकर नहीं, खेती देखकर तय होती है”

कृषि आय पर बात करते हुए सीए जैन ने कहा कि केवल जमीन के क्षेत्रफल के आधार पर अनुमानित आय नहीं दर्शानी चाहिए। फसल कौन-सी ली गई, भूमि सिंचित थी या नहीं और फसल कहां बेची गई—इन सभी के दस्तावेज होने चाहिए।

AIS जानकारी देता है, अंतिम निर्णय नहीं

उन्होंने सलाह दी कि AIS को अंतिम सत्य न मानें। विरासत में मिली संपत्ति, गिफ्ट, ऑफ-मार्केट ट्रांसफर या फैमिली सेटलमेंट जैसे मामलों में अलग से दस्तावेजों की जांच जरूरी है।

सीए पीयूष जैन ने कहा, “रिटर्न ऐसा भरिए जिसे विभाग से पहले आप स्वयं पढ़कर प्रत्येक आंकड़े का आधार बता सकें। कम टैक्स दिखाना सफलता नहीं है, सही और स्पष्ट रिटर्न दाखिल करना वास्तविक सफलता है।”

खबरें और भी हैं...
संबंधित

रायपुर में सनसनी: महिला थाना के पास मिला युवक...

रायपुर। राजधानी रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महिला थाने के पास सड़क किनारे एक युवक...

साय कैबिनेट के बड़े फैसले: अग्निवीरों को छत्तीसगढ़ पुलिस,...

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार (22 जुलाई 2026) को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में राज्य के...

Durg News : पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान पर...

दुर्ग। पूर्व भारतीय क्रिकेटर राजेश चौहान पर ट्रांसपोर्ट का काम दिलाने का झांसा देकर करीब 17.52 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा...

स्कूल बस की चपेट में आने से मासूम...

मोहला-मानपुर। जिले के मानपुर ब्लॉक में एक दर्दनाक सड़क हादसे में करीब तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। हादसा खड़गांव थाना क्षेत्र...